अलोंग पंचांग – 17 सितंबर 2026
गुरुवार, 17 सितंबर 2026 · भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083
Arunachal Pradesh, India
आज का दिन – एक नज़र में
अलोंग का समय
राहुकाल: 12:38 PM – 2:10 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 12:38 PM – 2:10 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 4:57 AM – 6:29 AM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 8:01 AM – 9:33 AM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 10:41 AM – 11:30 AM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 3:23 AM – 4:10 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 4:57 AM – 6:29 AM शुभ9:33 AM – 11:05 AM चर11:05 AM – 12:38 PM लाभ12:38 PM – 2:10 PM अमृत3:42 PM – 5:14 PM शुभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | गुरुवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | शुक्ल षष्ठी 10:48 AM तक फिर शुक्ल सप्तमी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | अनुराधा 7:53 PM तक फिर ज्येष्ठा |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | विष्कुम्भ 12:49 PM तक फिर प्रीति |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | तैतिल 10:48 AM तक फिर गर 11:52 PM तक फिर वणिज |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | वृश्चिक पूरे दिन |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | मेष पूरे दिन |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 4:57 AM – 6:29 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 6:29 AM – 8:01 AMरोगरोग – टालें
- 8:01 AM – 9:33 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 9:33 AM – 11:05 AMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 11:05 AM – 12:38 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 12:38 PM – 2:10 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 2:10 PM – 3:42 PMकालहानि – टालें
- 3:42 PM – 5:14 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
चौघड़िया – रात
- 5:14 PM – 6:42 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 6:42 PM – 8:10 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 8:10 PM – 9:38 PMरोगरोग – टालें
- 9:38 PM – 11:06 PMकालहानि – टालें
- 11:06 PM – 12:34 AM (18 सितंबर)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 12:34 AM – 2:01 AM (18 सितंबर)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 2:01 AM – 3:29 AM (18 सितंबर)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 3:29 AM – 4:57 AM (18 सितंबर)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
अलोंग – आज के पंचांग के बारे में
गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को अलोंग में सूर्योदय 4:57 AM और सूर्यास्त 5:14 PM है। राहुकाल 12:38 PM – 2:10 PM, यमगण्ड 4:57 AM – 6:29 AM और गुलिक काल 8:01 AM – 9:33 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय शुक्ल षष्ठी तिथि और अनुराधा नक्षत्र। भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083।
अगले 7 दिन का राहुकाल · आज का होरा समय · मासिक कैलेंडर · गणना कैसे होती है
सभी समय अलोंग का स्थानीय समय हैं (IST)। अलोंग के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।