बठिंडा पंचांग – 4 दिसंबर 2026
शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083
Punjab, India
आज का दिन – एक नज़र में
बठिंडा का समय
राहुकाल: 11:03 AM – 12:20 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 11:03 AM – 12:20 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 2:55 PM – 4:12 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 8:28 AM – 9:46 AM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 12:00 PM – 12:41 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 5:22 AM – 6:16 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 7:11 AM – 8:28 AM चर8:28 AM – 9:46 AM लाभ9:46 AM – 11:03 AM अमृत12:20 PM – 1:38 PM शुभ4:12 PM – 5:30 PM चरचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | शुक्रवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण एकादशी 11:45 PM तक फिर कृष्ण द्वादशी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | हस्त 10:22 AM तक फिर चित्रा |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | आयुष्मान 8:23 AM तक फिर सौभाग्य |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | बव 11:21 AM तक फिर बालव 11:45 PM तक फिर कौलव |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | कन्या 11:02 PM तक फिर तुला |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | कुम्भ 11:02 PM तक फिर मीन |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 7:11 AM – 8:28 AMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 8:28 AM – 9:46 AMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 9:46 AM – 11:03 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 11:03 AM – 12:20 PMकालहानि – टालें
- 12:20 PM – 1:38 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 1:38 PM – 2:55 PMरोगरोग – टालें
- 2:55 PM – 4:12 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 4:12 PM – 5:30 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
चौघड़िया – रात
- 5:30 PM – 7:12 PMरोगरोग – टालें
- 7:12 PM – 8:55 PMकालहानि – टालें
- 8:55 PM – 10:38 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 10:38 PM – 12:21 AM (5 दिसंबर)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 12:21 AM – 2:04 AM (5 दिसंबर)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 2:04 AM – 3:46 AM (5 दिसंबर)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 3:46 AM – 5:29 AM (5 दिसंबर)चरयात्रा के लिए अच्छा
- 5:29 AM – 7:12 AM (5 दिसंबर)रोगरोग – टालें
बठिंडा – आज के पंचांग के बारे में
शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 को बठिंडा में सूर्योदय 7:11 AM और सूर्यास्त 5:30 PM है। राहुकाल 11:03 AM – 12:20 PM, यमगण्ड 2:55 PM – 4:12 PM और गुलिक काल 8:28 AM – 9:46 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण एकादशी तिथि और हस्त नक्षत्र। मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय बठिंडा का स्थानीय समय हैं (IST)। बठिंडा के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।