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बठिंडा पंचांग – 21 जनवरी 2027

गुरुवार, 21 जनवरी 2027 · पौष मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083

Punjab, India

आज का दिन – एक नज़र में

12 PM3 PM6 PM9 PM12 AM3 AM6 AM9 AMशुभ · 7:26 AM – 8:45 AMरोग · 8:45 AM – 10:04 AMउद्वेग · 10:04 AM – 11:23 AMचर · 11:23 AM – 12:41 PMलाभ · 12:41 PM – 2:00 PMअमृत · 2:00 PM – 3:19 PMकाल · 3:19 PM – 4:38 PMशुभ · 4:38 PM – 5:57 PMअमृत · 5:57 PM – 7:38 PMचर · 7:38 PM – 9:19 PMरोग · 9:19 PM – 11:00 PMकाल · 11:00 PM – 12:41 AM (22 जनवरी)लाभ · 12:41 AM – 2:22 AM (22 जनवरी)उद्वेग · 2:22 AM – 4:03 AM (22 जनवरी)शुभ · 4:03 AM – 5:44 AM (22 जनवरी)अमृत · 5:44 AM – 7:26 AM (22 जनवरी)ब्रह्म मुहूर्त · 5:38 AM – 6:32 AMअभिजीत मुहूर्त · 12:20 PM – 1:02 PMगुलिक काल · 10:04 AM – 11:23 AMयमगण्ड · 7:26 AM – 8:45 AMराहुकाल · 2:00 PM – 3:19 PM
राहुकाल2:00 PM – 3:19 PM

राहुकाल: 2:00 PM – 3:19 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें

सूर्योदय7:26 AM
सूर्यास्त5:57 PM
शुक्ल पक्ष · 14 वां दिनचतुर्दशी
नक्षत्रआर्द्रा

इन समयों से बचें

राहुकाल

रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं।

2:00 PM – 3:19 PM
यमगण्ड

यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता।

7:26 AM – 8:45 AM
गुलिक काल

मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते।

10:04 AM – 11:23 AM

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता।

12:20 PM – 1:02 PM
ब्रह्म मुहूर्त

भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम।

5:38 AM – 6:32 AM
चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

7:26 AM – 8:45 AM शुभ11:23 AM – 12:41 PM चर12:41 PM – 2:00 PM लाभ2:00 PM – 3:19 PM अमृत4:38 PM – 5:57 PM शुभचौघड़िया →

आज का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि

चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है।

शुक्ल चतुर्दशी 9:30 PM तक
फिर पूर्णिमा
नक्षत्र

चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है।

आर्द्रा 1:24 PM तक
फिर पुनर्वसु
योग

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक।

वैधृति 6:08 PM तक
फिर विष्कुम्भ
करण

तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है।

गर 11:22 AM तक
फिर वणिज 9:30 PM तक
फिर विष्टि (भद्रा)
चंद्र राशि

चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है।

मिथुन 5:09 AM (22 जनवरी) तक
फिर कर्क
सूर्य राशिमकर
चंद्र मास (पूर्णिमांत)पौष मास, शुक्ल पक्ष
चंद्राष्टम

अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है।

वृश्चिक 5:09 AM (22 जनवरी) तक
फिर धनु

चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

चौघड़िया – दिन

  1. 7:26 AM – 8:45 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  2. 8:45 AM – 10:04 AMरोगरोग – टालें
  3. 10:04 AM – 11:23 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  4. 11:23 AM – 12:41 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
  5. 12:41 PM – 2:00 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  6. 2:00 PM – 3:19 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  7. 3:19 PM – 4:38 PMकालहानि – टालें
  8. 4:38 PM – 5:57 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए

चौघड़िया – रात

  1. 5:57 PM – 7:38 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  2. 7:38 PM – 9:19 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
  3. 9:19 PM – 11:00 PMरोगरोग – टालें
  4. 11:00 PM – 12:41 AM (22 जनवरी)कालहानि – टालें
  5. 12:41 AM – 2:22 AM (22 जनवरी)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  6. 2:22 AM – 4:03 AM (22 जनवरी)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  7. 4:03 AM – 5:44 AM (22 जनवरी)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  8. 5:44 AM – 7:26 AM (22 जनवरी)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए

बठिंडा – आज के पंचांग के बारे में

गुरुवार, 21 जनवरी 2027 को बठिंडा में सूर्योदय 7:26 AM और सूर्यास्त 5:57 PM है। राहुकाल 2:00 PM – 3:19 PM, यमगण्ड 7:26 AM – 8:45 AM और गुलिक काल 10:04 AM – 11:23 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।

सूर्योदय के समय शुक्ल चतुर्दशी तिथि और आर्द्रा नक्षत्र। पौष मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083।

अगले 7 दिन का राहुकाल · आज का होरा समय · मासिक कैलेंडर · गणना कैसे होती है

सभी समय बठिंडा का स्थानीय समय हैं (IST)। बठिंडा के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।

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