भुज पंचांग – 21 सितंबर 2026
सोमवार, 21 सितंबर 2026 · भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083
Gujarat, India
आज का दिन – एक नज़र में
भुज का समय
राहुकाल: 8:11 AM – 9:42 AMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 8:11 AM – 9:42 AM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 11:13 AM – 12:44 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 2:16 PM – 3:47 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 12:20 PM – 1:09 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 5:05 AM – 5:52 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 6:40 AM – 8:11 AM अमृत9:42 AM – 11:13 AM शुभ2:16 PM – 3:47 PM चर3:47 PM – 5:18 PM लाभ5:18 PM – 6:49 PM अमृतचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | सोमवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | शुक्ल दशमी 8:01 PM तक फिर शुक्ल एकादशी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | उत्तराषाढ़ा पूरे दिन |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | शोभन 4:05 PM तक फिर अतिगण्ड |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | तैतिल 6:59 AM तक फिर गर 8:01 PM तक फिर वणिज |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | धनु 11:15 AM तक फिर मकर |
| सूर्य राशि | कन्या |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | वृषभ 11:15 AM तक फिर मिथुन |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:40 AM – 8:11 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 8:11 AM – 9:42 AMकालहानि – टालें
- 9:42 AM – 11:13 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 11:13 AM – 12:44 PMरोगरोग – टालें
- 12:44 PM – 2:16 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 2:16 PM – 3:47 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 3:47 PM – 5:18 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 5:18 PM – 6:49 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
चौघड़िया – रात
- 6:49 PM – 8:18 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 8:18 PM – 9:47 PMरोगरोग – टालें
- 9:47 PM – 11:16 PMकालहानि – टालें
- 11:16 PM – 12:45 AM (22 सितंबर)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 12:45 AM – 2:13 AM (22 सितंबर)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 2:13 AM – 3:42 AM (22 सितंबर)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 3:42 AM – 5:11 AM (22 सितंबर)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 5:11 AM – 6:40 AM (22 सितंबर)चरयात्रा के लिए अच्छा
भुज – आज के पंचांग के बारे में
सोमवार, 21 सितंबर 2026 को भुज में सूर्योदय 6:40 AM और सूर्यास्त 6:49 PM है। राहुकाल 8:11 AM – 9:42 AM, यमगण्ड 11:13 AM – 12:44 PM और गुलिक काल 2:16 PM – 3:47 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय शुक्ल दशमी तिथि और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र। भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय भुज का स्थानीय समय हैं (IST)। भुज के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।