बीरपाड़ा पंचांग – 2 अगस्त 2026
रविवार, 2 अगस्त 2026 · श्रावण मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083
West Bengal, India
आज का दिन – एक नज़र में
बीरपाड़ा का समय
राहुकाल: 4:41 PM – 6:21 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 4:41 PM – 6:21 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 11:40 AM – 1:20 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 3:00 PM – 4:41 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 11:13 AM – 12:06 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 3:34 AM – 4:16 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 6:39 AM – 8:19 AM चर8:19 AM – 9:59 AM लाभ9:59 AM – 11:40 AM अमृत1:20 PM – 3:00 PM शुभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | रविवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण चतुर्थी 11:15 PM तक फिर कृष्ण पंचमी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | पूर्वा भाद्रपद 9:37 PM तक फिर उत्तरा भाद्रपद |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | अतिगण्ड 10:29 PM तक फिर सुकर्मा |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | बव 11:15 AM तक फिर बालव 11:15 PM तक फिर कौलव |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | कुम्भ 3:26 PM तक फिर मीन |
| सूर्य राशि | कर्क |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | श्रावण मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | कर्क 3:26 PM तक फिर सिंह |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 4:59 AM – 6:39 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 6:39 AM – 8:19 AMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 8:19 AM – 9:59 AMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 9:59 AM – 11:40 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 11:40 AM – 1:20 PMकालहानि – टालें
- 1:20 PM – 3:00 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 3:00 PM – 4:41 PMरोगरोग – टालें
- 4:41 PM – 6:21 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
चौघड़िया – रात
- 6:21 PM – 7:41 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 7:41 PM – 9:00 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 9:00 PM – 10:20 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 10:20 PM – 11:40 PMरोगरोग – टालें
- 11:40 PM – 1:00 AM (3 अगस्त)कालहानि – टालें
- 1:00 AM – 2:20 AM (3 अगस्त)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 2:20 AM – 3:39 AM (3 अगस्त)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 3:39 AM – 4:59 AM (3 अगस्त)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
बीरपाड़ा – आज के पंचांग के बारे में
रविवार, 2 अगस्त 2026 को बीरपाड़ा में सूर्योदय 4:59 AM और सूर्यास्त 6:21 PM है। राहुकाल 4:41 PM – 6:21 PM, यमगण्ड 11:40 AM – 1:20 PM और गुलिक काल 3:00 PM – 4:41 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण चतुर्थी तिथि और पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र। श्रावण मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय बीरपाड़ा का स्थानीय समय हैं (IST)। बीरपाड़ा के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।