चक्रधरपुर पंचांग – 25 सितंबर 2026
शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 · भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083
Jharkhand, India
आज का दिन – एक नज़र में
चक्रधरपुर का समय
राहुकाल: 10:09 AM – 11:39 AMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 10:09 AM – 11:39 AM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 2:40 PM – 4:11 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 7:08 AM – 8:38 AM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 11:15 AM – 12:03 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 4:02 AM – 4:49 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 5:37 AM – 7:08 AM चर7:08 AM – 8:38 AM लाभ8:38 AM – 10:09 AM अमृत11:39 AM – 1:10 PM शुभ4:11 PM – 5:41 PM चरचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | शुक्रवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | शुक्ल चतुर्दशी 11:07 PM तक फिर पूर्णिमा |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | शतभिषा 11:22 AM तक फिर पूर्वा भाद्रपद |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | शूल 2:51 PM तक फिर गण्ड |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | गर 11:17 AM तक फिर वणिज 11:07 PM तक फिर विष्टि (भद्रा) |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | कुम्भ 5:33 AM (26 सितंबर) तक फिर मीन |
| सूर्य राशि | कन्या |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | कर्क 5:33 AM (26 सितंबर) तक फिर सिंह |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 5:37 AM – 7:08 AMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 7:08 AM – 8:38 AMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 8:38 AM – 10:09 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 10:09 AM – 11:39 AMकालहानि – टालें
- 11:39 AM – 1:10 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 1:10 PM – 2:40 PMरोगरोग – टालें
- 2:40 PM – 4:11 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 4:11 PM – 5:41 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
चौघड़िया – रात
- 5:41 PM – 7:11 PMरोगरोग – टालें
- 7:11 PM – 8:40 PMकालहानि – टालें
- 8:40 PM – 10:10 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 10:10 PM – 11:39 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 11:39 PM – 1:09 AM (26 सितंबर)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 1:09 AM – 2:38 AM (26 सितंबर)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 2:38 AM – 4:08 AM (26 सितंबर)चरयात्रा के लिए अच्छा
- 4:08 AM – 5:37 AM (26 सितंबर)रोगरोग – टालें
चक्रधरपुर – आज के पंचांग के बारे में
शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को चक्रधरपुर में सूर्योदय 5:37 AM और सूर्यास्त 5:41 PM है। राहुकाल 10:09 AM – 11:39 AM, यमगण्ड 2:40 PM – 4:11 PM और गुलिक काल 7:08 AM – 8:38 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय शुक्ल चतुर्दशी तिथि और शतभिषा नक्षत्र। भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय चक्रधरपुर का स्थानीय समय हैं (IST)। चक्रधरपुर के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।