कुंकोलिम पंचांग – 28 मार्च 2027
रविवार, 28 मार्च 2027 · चैत्र मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083
Goa, India
आज का दिन – एक नज़र में
कुंकोलिम का समय
राहुकाल: 5:14 PM – 6:46 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 5:14 PM – 6:46 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 12:39 PM – 2:11 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 3:43 PM – 5:14 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 12:15 PM – 1:04 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 4:58 AM – 5:45 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 8:04 AM – 9:36 AM चर9:36 AM – 11:08 AM लाभ11:08 AM – 12:39 PM अमृत2:11 PM – 3:43 PM शुभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | रविवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण षष्ठी 3:05 PM तक फिर कृष्ण सप्तमी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | ज्येष्ठा 12:31 AM (29 मार्च) तक फिर मूल |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | व्यतीपात 6:07 AM (29 मार्च) तक फिर वरीयान |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | वणिज 3:05 PM तक फिर विष्टि (भद्रा) 4:04 AM (29 मार्च) तक फिर बव |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | वृश्चिक 12:31 AM (29 मार्च) तक फिर धनु |
| सूर्य राशि | मीन |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | चैत्र मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | मेष 12:31 AM (29 मार्च) तक फिर वृषभ |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:33 AM – 8:04 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 8:04 AM – 9:36 AMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 9:36 AM – 11:08 AMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 11:08 AM – 12:39 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 12:39 PM – 2:11 PMकालहानि – टालें
- 2:11 PM – 3:43 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 3:43 PM – 5:14 PMरोगरोग – टालें
- 5:14 PM – 6:46 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
चौघड़िया – रात
- 6:46 PM – 8:14 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 8:14 PM – 9:42 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 9:42 PM – 11:11 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 11:11 PM – 12:39 AM (29 मार्च)रोगरोग – टालें
- 12:39 AM – 2:07 AM (29 मार्च)कालहानि – टालें
- 2:07 AM – 3:35 AM (29 मार्च)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 3:35 AM – 5:04 AM (29 मार्च)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 5:04 AM – 6:32 AM (29 मार्च)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
कुंकोलिम – आज के पंचांग के बारे में
रविवार, 28 मार्च 2027 को कुंकोलिम में सूर्योदय 6:33 AM और सूर्यास्त 6:46 PM है। राहुकाल 5:14 PM – 6:46 PM, यमगण्ड 12:39 PM – 2:11 PM और गुलिक काल 3:43 PM – 5:14 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण षष्ठी तिथि और ज्येष्ठा नक्षत्र। चैत्र मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय कुंकोलिम का स्थानीय समय हैं (IST)। कुंकोलिम के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।