कुंकोलिम पंचांग – 19 अप्रैल 2027
सोमवार, 19 अप्रैल 2027 · चैत्र मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2084
Goa, India
आज का दिन – एक नज़र में
कुंकोलिम का समय
राहुकाल: 7:51 AM – 9:25 AMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 7:51 AM – 9:25 AM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 10:59 AM – 12:33 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 2:07 PM – 3:41 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 12:08 PM – 12:58 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 4:46 AM – 5:32 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 6:17 AM – 7:51 AM अमृत9:25 AM – 10:59 AM शुभ2:07 PM – 3:41 PM चर3:41 PM – 5:15 PM लाभ5:15 PM – 6:49 PM अमृतचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | सोमवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | शुक्ल चतुर्दशी 4:51 AM (20 अप्रैल) तक फिर पूर्णिमा |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | हस्त 4:40 AM (20 अप्रैल) तक फिर चित्रा |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | व्याघात 7:44 PM तक फिर हर्षण |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | गर 5:27 PM तक फिर वणिज 4:51 AM (20 अप्रैल) तक फिर विष्टि (भद्रा) |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | कन्या पूरे दिन |
| सूर्य राशि | मेष |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | चैत्र मास, शुक्ल पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | कुम्भ पूरे दिन |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:17 AM – 7:51 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 7:51 AM – 9:25 AMकालहानि – टालें
- 9:25 AM – 10:59 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 10:59 AM – 12:33 PMरोगरोग – टालें
- 12:33 PM – 2:07 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 2:07 PM – 3:41 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 3:41 PM – 5:15 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 5:15 PM – 6:49 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
चौघड़िया – रात
- 6:49 PM – 8:15 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 8:15 PM – 9:41 PMरोगरोग – टालें
- 9:41 PM – 11:07 PMकालहानि – टालें
- 11:07 PM – 12:33 AM (20 अप्रैल)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 12:33 AM – 1:59 AM (20 अप्रैल)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 1:59 AM – 3:25 AM (20 अप्रैल)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 3:25 AM – 4:51 AM (20 अप्रैल)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 4:51 AM – 6:17 AM (20 अप्रैल)चरयात्रा के लिए अच्छा
कुंकोलिम – आज के पंचांग के बारे में
सोमवार, 19 अप्रैल 2027 को कुंकोलिम में सूर्योदय 6:17 AM और सूर्यास्त 6:49 PM है। राहुकाल 7:51 AM – 9:25 AM, यमगण्ड 10:59 AM – 12:33 PM और गुलिक काल 2:07 PM – 3:41 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय शुक्ल चतुर्दशी तिथि और हस्त नक्षत्र। चैत्र मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2084।
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सभी समय कुंकोलिम का स्थानीय समय हैं (IST)। कुंकोलिम के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।