कुंकोलिम पंचांग – 20 सितंबर 2027
सोमवार, 20 सितंबर 2027 · आश्विन मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2084
Goa, India
आज का दिन – एक नज़र में
कुंकोलिम का समय
राहुकाल: 7:54 AM – 9:25 AMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 7:54 AM – 9:25 AM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 10:56 AM – 12:28 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 1:59 PM – 3:30 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 12:03 PM – 12:52 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 4:48 AM – 5:36 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 6:23 AM – 7:54 AM अमृत9:25 AM – 10:56 AM शुभ1:59 PM – 3:30 PM चर3:30 PM – 5:01 PM लाभ5:01 PM – 6:32 PM अमृतचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | सोमवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण चतुर्थी 7:08 AM तक फिर कृष्ण पंचमी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | भरणी 6:09 PM तक फिर कृत्तिका |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | व्याघात 7:14 AM तक फिर हर्षण 5:49 AM (21 सितंबर) तक फिर वज्र |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | बालव 7:08 AM तक फिर कौलव 6:59 PM तक फिर तैतिल |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | मेष 12:12 AM (21 सितंबर) तक फिर वृषभ |
| सूर्य राशि | कन्या |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | आश्विन मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | कन्या 12:12 AM (21 सितंबर) तक फिर तुला |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:23 AM – 7:54 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 7:54 AM – 9:25 AMकालहानि – टालें
- 9:25 AM – 10:56 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 10:56 AM – 12:28 PMरोगरोग – टालें
- 12:28 PM – 1:59 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 1:59 PM – 3:30 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 3:30 PM – 5:01 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 5:01 PM – 6:32 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
चौघड़िया – रात
- 6:32 PM – 8:01 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 8:01 PM – 9:30 PMरोगरोग – टालें
- 9:30 PM – 10:59 PMकालहानि – टालें
- 10:59 PM – 12:28 AM (21 सितंबर)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 12:28 AM – 1:56 AM (21 सितंबर)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 1:56 AM – 3:25 AM (21 सितंबर)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 3:25 AM – 4:54 AM (21 सितंबर)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 4:54 AM – 6:23 AM (21 सितंबर)चरयात्रा के लिए अच्छा
कुंकोलिम – आज के पंचांग के बारे में
सोमवार, 20 सितंबर 2027 को कुंकोलिम में सूर्योदय 6:23 AM और सूर्यास्त 6:32 PM है। राहुकाल 7:54 AM – 9:25 AM, यमगण्ड 10:56 AM – 12:28 PM और गुलिक काल 1:59 PM – 3:30 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण चतुर्थी तिथि और भरणी नक्षत्र। आश्विन मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2084।
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सभी समय कुंकोलिम का स्थानीय समय हैं (IST)। कुंकोलिम के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।