कुंकोलिम पंचांग – 18 नवंबर 2027
गुरुवार, 18 नवंबर 2027 · मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2084
Goa, India
आज का दिन – एक नज़र में
कुंकोलिम का समय
राहुकाल: 1:45 PM – 3:10 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 1:45 PM – 3:10 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 6:37 AM – 8:03 AM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 9:28 AM – 10:54 AM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 11:56 AM – 12:42 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 4:56 AM – 5:47 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 6:37 AM – 8:03 AM शुभ10:54 AM – 12:19 PM चर12:19 PM – 1:45 PM लाभ1:45 PM – 3:10 PM अमृत4:36 PM – 6:01 PM शुभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | गुरुवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण पंचमी 11:27 PM तक फिर कृष्ण षष्ठी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | पुनर्वसु 1:52 AM (19 नवंबर) तक फिर पुष्य |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | साध्य 6:53 AM तक फिर शुभ 3:57 AM (19 नवंबर) तक फिर शुक्ल |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | कौलव 12:31 PM तक फिर तैतिल 11:27 PM तक फिर गर |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | मिथुन 8:13 PM तक फिर कर्क |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | वृश्चिक 8:13 PM तक फिर धनु |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:37 AM – 8:03 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 8:03 AM – 9:28 AMरोगरोग – टालें
- 9:28 AM – 10:54 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 10:54 AM – 12:19 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 12:19 PM – 1:45 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 1:45 PM – 3:10 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 3:10 PM – 4:36 PMकालहानि – टालें
- 4:36 PM – 6:01 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
चौघड़िया – रात
- 6:01 PM – 7:36 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 7:36 PM – 9:10 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 9:10 PM – 10:45 PMरोगरोग – टालें
- 10:45 PM – 12:19 AM (19 नवंबर)कालहानि – टालें
- 12:19 AM – 1:54 AM (19 नवंबर)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 1:54 AM – 3:28 AM (19 नवंबर)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 3:28 AM – 5:03 AM (19 नवंबर)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 5:03 AM – 6:37 AM (19 नवंबर)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
कुंकोलिम – आज के पंचांग के बारे में
गुरुवार, 18 नवंबर 2027 को कुंकोलिम में सूर्योदय 6:37 AM और सूर्यास्त 6:01 PM है। राहुकाल 1:45 PM – 3:10 PM, यमगण्ड 6:37 AM – 8:03 AM और गुलिक काल 9:28 AM – 10:54 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण पंचमी तिथि और पुनर्वसु नक्षत्र। मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2084।
अगले 7 दिन का राहुकाल · आज का होरा समय · मासिक कैलेंडर · गणना कैसे होती है
सभी समय कुंकोलिम का स्थानीय समय हैं (IST)। कुंकोलिम के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।