दवर्ली पंचांग – 31 मार्च 2026
मंगलवार, 31 मार्च 2026 · चैत्र मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083
Goa, India
आज का दिन – एक नज़र में
दवर्ली का समय
राहुकाल: 3:42 PM – 5:14 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 3:42 PM – 5:14 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 9:34 AM – 11:06 AM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 12:38 PM – 2:10 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 12:14 PM – 1:03 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 4:56 AM – 5:43 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 9:34 AM – 11:06 AM चर11:06 AM – 12:38 PM लाभ12:38 PM – 2:10 PM अमृत3:42 PM – 5:14 PM शुभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | मंगलवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | शुक्ल त्रयोदशी 6:56 AM तक फिर शुक्ल चतुर्दशी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | पूर्वा फाल्गुनी 3:20 PM तक फिर उत्तरा फाल्गुनी |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | गण्ड 3:41 PM तक फिर वृद्धि |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | तैतिल 6:56 AM तक फिर गर 6:58 PM तक फिर वणिज |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | सिंह 9:32 PM तक फिर कन्या |
| सूर्य राशि | मीन |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | चैत्र मास, शुक्ल पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | मकर 9:32 PM तक फिर कुम्भ |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:30 AM – 8:02 AMरोगरोग – टालें
- 8:02 AM – 9:34 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 9:34 AM – 11:06 AMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 11:06 AM – 12:38 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 12:38 PM – 2:10 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 2:10 PM – 3:42 PMकालहानि – टालें
- 3:42 PM – 5:14 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 5:14 PM – 6:46 PMरोगरोग – टालें
चौघड़िया – रात
- 6:46 PM – 8:14 PMकालहानि – टालें
- 8:14 PM – 9:42 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 9:42 PM – 11:10 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 11:10 PM – 12:38 AM (1 अप्रैल)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 12:38 AM – 2:06 AM (1 अप्रैल)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 2:06 AM – 3:34 AM (1 अप्रैल)चरयात्रा के लिए अच्छा
- 3:34 AM – 5:02 AM (1 अप्रैल)रोगरोग – टालें
- 5:02 AM – 6:29 AM (1 अप्रैल)कालहानि – टालें
दवर्ली – आज के पंचांग के बारे में
मंगलवार, 31 मार्च 2026 को दवर्ली में सूर्योदय 6:30 AM और सूर्यास्त 6:46 PM है। राहुकाल 3:42 PM – 5:14 PM, यमगण्ड 9:34 AM – 11:06 AM और गुलिक काल 12:38 PM – 2:10 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय शुक्ल त्रयोदशी तिथि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र। चैत्र मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083।
अगले 7 दिन का राहुकाल · आज का होरा समय · मासिक कैलेंडर · गणना कैसे होती है
सभी समय दवर्ली का स्थानीय समय हैं (IST)। दवर्ली के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।