दवर्ली पंचांग – 1 जून 2026
सोमवार, 1 जून 2026 · ज्येष्ठ मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083
Goa, India
आज का दिन – एक नज़र में
दवर्ली का समय
राहुकाल: 7:40 AM – 9:17 AMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 7:40 AM – 9:17 AM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 10:55 AM – 12:32 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 2:09 PM – 3:46 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 12:06 PM – 12:58 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 4:34 AM – 5:19 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 6:03 AM – 7:40 AM अमृत9:17 AM – 10:55 AM शुभ2:09 PM – 3:46 PM चर3:46 PM – 5:24 PM लाभ5:24 PM – 7:01 PM अमृतचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | सोमवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण प्रतिपदा 4:37 PM तक फिर कृष्ण द्वितीया |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | ज्येष्ठा 7:08 PM तक फिर मूल |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | सिद्ध 6:19 AM तक फिर साध्य |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | कौलव 4:37 PM तक फिर तैतिल 5:49 AM (2 जून) तक फिर गर |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | वृश्चिक 7:08 PM तक फिर धनु |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | ज्येष्ठ मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | मेष 7:08 PM तक फिर वृषभ |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:03 AM – 7:40 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 7:40 AM – 9:17 AMकालहानि – टालें
- 9:17 AM – 10:55 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 10:55 AM – 12:32 PMरोगरोग – टालें
- 12:32 PM – 2:09 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 2:09 PM – 3:46 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 3:46 PM – 5:24 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 5:24 PM – 7:01 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
चौघड़िया – रात
- 7:01 PM – 8:24 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 8:24 PM – 9:46 PMरोगरोग – टालें
- 9:46 PM – 11:09 PMकालहानि – टालें
- 11:09 PM – 12:32 AM (2 जून)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 12:32 AM – 1:55 AM (2 जून)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 1:55 AM – 3:17 AM (2 जून)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 3:17 AM – 4:40 AM (2 जून)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 4:40 AM – 6:03 AM (2 जून)चरयात्रा के लिए अच्छा
दवर्ली – आज के पंचांग के बारे में
सोमवार, 1 जून 2026 को दवर्ली में सूर्योदय 6:03 AM और सूर्यास्त 7:01 PM है। राहुकाल 7:40 AM – 9:17 AM, यमगण्ड 10:55 AM – 12:32 PM और गुलिक काल 2:09 PM – 3:46 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण प्रतिपदा तिथि और ज्येष्ठा नक्षत्र। ज्येष्ठ मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय दवर्ली का स्थानीय समय हैं (IST)। दवर्ली के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।