दवर्ली पंचांग – 6 जून 2026
शनिवार, 6 जून 2026 · ज्येष्ठ मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083
Goa, India
आज का दिन – एक नज़र में
दवर्ली का समय
राहुकाल: 9:18 AM – 10:55 AMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 9:18 AM – 10:55 AM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 2:10 PM – 3:48 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 6:03 AM – 7:40 AM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 12:07 PM – 12:59 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 4:35 AM – 5:19 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 7:40 AM – 9:18 AM शुभ12:33 PM – 2:10 PM चर2:10 PM – 3:48 PM लाभ3:48 PM – 5:25 PM अमृतचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | शनिवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण षष्ठी 2:41 AM (7 जून) तक फिर कृष्ण सप्तमी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | श्रवण 6:03 AM तक फिर धनिष्ठा |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | इन्द्र 10:04 AM तक फिर वैधृति |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | गर 2:05 PM तक फिर वणिज 2:41 AM (7 जून) तक फिर विष्टि (भद्रा) |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | मकर 7:03 PM तक फिर कुम्भ |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | ज्येष्ठ मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | मिथुन 7:03 PM तक फिर कर्क |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:03 AM – 7:40 AMकालहानि – टालें
- 7:40 AM – 9:18 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 9:18 AM – 10:55 AMरोगरोग – टालें
- 10:55 AM – 12:33 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 12:33 PM – 2:10 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 2:10 PM – 3:48 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 3:48 PM – 5:25 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 5:25 PM – 7:03 PMकालहानि – टालें
चौघड़िया – रात
- 7:03 PM – 8:25 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 8:25 PM – 9:48 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 9:48 PM – 11:10 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 11:10 PM – 12:33 AM (7 जून)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 12:33 AM – 1:55 AM (7 जून)चरयात्रा के लिए अच्छा
- 1:55 AM – 3:18 AM (7 जून)रोगरोग – टालें
- 3:18 AM – 4:40 AM (7 जून)कालहानि – टालें
- 4:40 AM – 6:03 AM (7 जून)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
दवर्ली – आज के पंचांग के बारे में
शनिवार, 6 जून 2026 को दवर्ली में सूर्योदय 6:03 AM और सूर्यास्त 7:03 PM है। राहुकाल 9:18 AM – 10:55 AM, यमगण्ड 2:10 PM – 3:48 PM और गुलिक काल 6:03 AM – 7:40 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण षष्ठी तिथि और श्रवण नक्षत्र। ज्येष्ठ मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय दवर्ली का स्थानीय समय हैं (IST)। दवर्ली के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।