दवर्ली पंचांग – 8 नवंबर 2026
रविवार, 8 नवंबर 2026 · कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083
Goa, India
आज का दिन – एक नज़र में
दवर्ली का समय
राहुकाल: 4:37 PM – 6:03 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 4:37 PM – 6:03 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 12:18 PM – 1:44 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 3:10 PM – 4:37 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 11:55 AM – 12:41 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 4:53 AM – 5:43 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 7:59 AM – 9:25 AM चर9:25 AM – 10:52 AM लाभ10:52 AM – 12:18 PM अमृत1:44 PM – 3:10 PM शुभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | रविवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण चतुर्दशी 11:28 AM तक फिर अमावस्या |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | स्वाति पूरे दिन |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | आयुष्मान 3:03 AM (9 नवंबर) तक फिर सौभाग्य |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | शकुनि 11:28 AM तक फिर चतुष्पद 11:57 PM तक फिर नाग |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | तुला पूरे दिन |
| सूर्य राशि | तुला |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | मीन पूरे दिन |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:33 AM – 7:59 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 7:59 AM – 9:25 AMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 9:25 AM – 10:52 AMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 10:52 AM – 12:18 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 12:18 PM – 1:44 PMकालहानि – टालें
- 1:44 PM – 3:10 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 3:10 PM – 4:37 PMरोगरोग – टालें
- 4:37 PM – 6:03 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
चौघड़िया – रात
- 6:03 PM – 7:37 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 7:37 PM – 9:10 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 9:10 PM – 10:44 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 10:44 PM – 12:18 AM (9 नवंबर)रोगरोग – टालें
- 12:18 AM – 1:52 AM (9 नवंबर)कालहानि – टालें
- 1:52 AM – 3:26 AM (9 नवंबर)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 3:26 AM – 4:59 AM (9 नवंबर)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 4:59 AM – 6:33 AM (9 नवंबर)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
दवर्ली – आज के पंचांग के बारे में
रविवार, 8 नवंबर 2026 को दवर्ली में सूर्योदय 6:33 AM और सूर्यास्त 6:03 PM है। राहुकाल 4:37 PM – 6:03 PM, यमगण्ड 12:18 PM – 1:44 PM और गुलिक काल 3:10 PM – 4:37 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण चतुर्दशी तिथि और स्वाति नक्षत्र। कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय दवर्ली का स्थानीय समय हैं (IST)। दवर्ली के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।