दवर्ली पंचांग – 28 जनवरी 2027
गुरुवार, 28 जनवरी 2027 · माघ मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083
Goa, India
आज का दिन – एक नज़र में
दवर्ली का समय
राहुकाल: 2:13 PM – 3:38 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 2:13 PM – 3:38 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 7:04 AM – 8:30 AM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 9:55 AM – 11:21 AM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 12:24 PM – 1:10 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 5:23 AM – 6:13 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 7:04 AM – 8:30 AM शुभ11:21 AM – 12:47 PM चर12:47 PM – 2:13 PM लाभ2:13 PM – 3:38 PM अमृत5:04 PM – 6:30 PM शुभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | गुरुवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण सप्तमी 4:03 AM (29 जनवरी) तक फिर कृष्ण अष्टमी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | चित्रा 12:32 AM (29 जनवरी) तक फिर स्वाति |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | धृति 4:57 PM तक फिर शूल |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | विष्टि (भद्रा) 3:52 PM तक फिर बव 4:03 AM (29 जनवरी) तक फिर बालव |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | कन्या 12:08 PM तक फिर तुला |
| सूर्य राशि | मकर |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | माघ मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | कुम्भ 12:08 PM तक फिर मीन |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 7:04 AM – 8:30 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 8:30 AM – 9:55 AMरोगरोग – टालें
- 9:55 AM – 11:21 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 11:21 AM – 12:47 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 12:47 PM – 2:13 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 2:13 PM – 3:38 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 3:38 PM – 5:04 PMकालहानि – टालें
- 5:04 PM – 6:30 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
चौघड़िया – रात
- 6:30 PM – 8:04 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 8:04 PM – 9:38 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 9:38 PM – 11:13 PMरोगरोग – टालें
- 11:13 PM – 12:47 AM (29 जनवरी)कालहानि – टालें
- 12:47 AM – 2:21 AM (29 जनवरी)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 2:21 AM – 3:55 AM (29 जनवरी)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 3:55 AM – 5:29 AM (29 जनवरी)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 5:29 AM – 7:04 AM (29 जनवरी)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
दवर्ली – आज के पंचांग के बारे में
गुरुवार, 28 जनवरी 2027 को दवर्ली में सूर्योदय 7:04 AM और सूर्यास्त 6:30 PM है। राहुकाल 2:13 PM – 3:38 PM, यमगण्ड 7:04 AM – 8:30 AM और गुलिक काल 9:55 AM – 11:21 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण सप्तमी तिथि और चित्रा नक्षत्र। माघ मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय दवर्ली का स्थानीय समय हैं (IST)। दवर्ली के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।