दवर्ली पंचांग – 18 फ़रवरी 2027
गुरुवार, 18 फ़रवरी 2027 · माघ मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083
Goa, India
आज का दिन – एक नज़र में
दवर्ली का समय
राहुकाल: 2:16 PM – 3:43 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 2:16 PM – 3:43 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 6:57 AM – 8:25 AM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 9:53 AM – 11:20 AM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 12:25 PM – 1:11 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 5:19 AM – 6:08 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 6:57 AM – 8:25 AM शुभ11:20 AM – 12:48 PM चर12:48 PM – 2:16 PM लाभ2:16 PM – 3:43 PM अमृत5:11 PM – 6:39 PM शुभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | गुरुवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | शुक्ल द्वादशी 2:28 PM तक फिर शुक्ल त्रयोदशी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | पुनर्वसु 9:05 PM तक फिर पुष्य |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | आयुष्मान 10:50 PM तक फिर सौभाग्य |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | बालव 2:28 PM तक फिर कौलव 12:52 AM (19 फ़रवरी) तक फिर तैतिल |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | मिथुन 3:42 PM तक फिर कर्क |
| सूर्य राशि | कुम्भ |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | माघ मास, शुक्ल पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | वृश्चिक 3:42 PM तक फिर धनु |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:57 AM – 8:25 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 8:25 AM – 9:53 AMरोगरोग – टालें
- 9:53 AM – 11:20 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 11:20 AM – 12:48 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 12:48 PM – 2:16 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 2:16 PM – 3:43 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 3:43 PM – 5:11 PMकालहानि – टालें
- 5:11 PM – 6:39 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
चौघड़िया – रात
- 6:39 PM – 8:11 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 8:11 PM – 9:43 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 9:43 PM – 11:15 PMरोगरोग – टालें
- 11:15 PM – 12:48 AM (19 फ़रवरी)कालहानि – टालें
- 12:48 AM – 2:20 AM (19 फ़रवरी)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 2:20 AM – 3:52 AM (19 फ़रवरी)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 3:52 AM – 5:25 AM (19 फ़रवरी)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 5:25 AM – 6:57 AM (19 फ़रवरी)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
दवर्ली – आज के पंचांग के बारे में
गुरुवार, 18 फ़रवरी 2027 को दवर्ली में सूर्योदय 6:57 AM और सूर्यास्त 6:39 PM है। राहुकाल 2:16 PM – 3:43 PM, यमगण्ड 6:57 AM – 8:25 AM और गुलिक काल 9:53 AM – 11:20 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय शुक्ल द्वादशी तिथि और पुनर्वसु नक्षत्र। माघ मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय दवर्ली का स्थानीय समय हैं (IST)। दवर्ली के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।