दवर्ली पंचांग – 24 मार्च 2027
बुधवार, 24 मार्च 2027 · चैत्र मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083
Goa, India
आज का दिन – एक नज़र में
दवर्ली का समय
राहुकाल: 12:40 PM – 2:12 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 12:40 PM – 2:12 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 8:07 AM – 9:38 AM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 11:09 AM – 12:40 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | बुधवार को नहीं माना जाता |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 5:01 AM – 5:48 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 6:35 AM – 8:07 AM लाभ8:07 AM – 9:38 AM अमृत11:09 AM – 12:40 PM शुभ3:43 PM – 5:14 PM चर5:14 PM – 6:45 PM लाभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | बुधवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण द्वितीया 1:14 PM तक फिर कृष्ण तृतीया |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | चित्रा 7:25 PM तक फिर स्वाति |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | ध्रुव 9:15 AM तक फिर व्याघात |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | गर 1:14 PM तक फिर वणिज 12:51 AM (25 मार्च) तक फिर विष्टि (भद्रा) |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | कन्या 7:33 AM तक फिर तुला |
| सूर्य राशि | मीन |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | चैत्र मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | कुम्भ 7:33 AM तक फिर मीन |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:35 AM – 8:07 AMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 8:07 AM – 9:38 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 9:38 AM – 11:09 AMकालहानि – टालें
- 11:09 AM – 12:40 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 12:40 PM – 2:12 PMरोगरोग – टालें
- 2:12 PM – 3:43 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 3:43 PM – 5:14 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 5:14 PM – 6:45 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
चौघड़िया – रात
- 6:45 PM – 8:14 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 8:14 PM – 9:43 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 9:43 PM – 11:11 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 11:11 PM – 12:40 AM (25 मार्च)चरयात्रा के लिए अच्छा
- 12:40 AM – 2:09 AM (25 मार्च)रोगरोग – टालें
- 2:09 AM – 3:37 AM (25 मार्च)कालहानि – टालें
- 3:37 AM – 5:06 AM (25 मार्च)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 5:06 AM – 6:35 AM (25 मार्च)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
दवर्ली – आज के पंचांग के बारे में
बुधवार, 24 मार्च 2027 को दवर्ली में सूर्योदय 6:35 AM और सूर्यास्त 6:45 PM है। राहुकाल 12:40 PM – 2:12 PM, यमगण्ड 8:07 AM – 9:38 AM और गुलिक काल 11:09 AM – 12:40 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण द्वितीया तिथि और चित्रा नक्षत्र। चैत्र मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय दवर्ली का स्थानीय समय हैं (IST)। दवर्ली के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।