दिसंबर 2026 कैलेंडर और पंचांग – दवर्ली
मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष – पौष मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083
रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
1 अष्टमी
2 नवमी
3 दशमी
4 एकादशी
5 द्वादशी
6 त्रयोदशी
7 चतुर्दशी
8 अमावस्या
9 प्रतिपदा
10 प्रतिपदा
11 द्वितीया
12 तृतीया
13 चतुर्थी
14 पंचमी
15 षष्ठी
16 सप्तमी
17 अष्टमी
18 नवमी
19 दशमी
20 एकादशी
21 द्वादशी
22 त्रयोदशी
23 चतुर्दशी
24 पूर्णिमा
25 द्वितीया
26 तृतीया
27 चतुर्थी
28 पंचमी
29 षष्ठी
30 सप्तमी
31 अष्टमी
- अमावस्या
- पूर्णिमा
- एकादशी
- प्रदोष
- षष्ठी
- चतुर्थी
- कृत्तिका
- मासिक शिवरात्रि
पूरी सूची
| तारीख | मास | तिथि | नक्षत्र | राहुकाल | सूर्योदय | व्रत-त्योहार |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 मंगल | मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष | कृष्ण अष्टमी | मघा | 3:12 PM – 4:37 PM | 6:44 AM | |
| 2 बुध | मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष | कृष्ण नवमी | पूर्वा फाल्गुनी | 12:23 PM – 1:48 PM | 6:45 AM | |
| 3 गुरु | मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष | कृष्ण दशमी | उत्तरा फाल्गुनी | 1:48 PM – 3:13 PM | 6:45 AM | |
| 4 शुक्र | मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष | कृष्ण एकादशी | हस्त | 11:00 AM – 12:24 PM | 6:46 AM | एकादशी |
| 5 शनि | मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष | कृष्ण द्वादशी | चित्रा | 9:36 AM – 11:00 AM | 6:47 AM | |
| 6 रवि | मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष | कृष्ण त्रयोदशी | स्वाति | 4:38 PM – 6:03 PM | 6:47 AM | प्रदोष |
| 7 सोम | मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष | कृष्ण चतुर्दशी | विशाखा | 8:12 AM – 9:37 AM | 6:48 AM | मासिक शिवरात्रि |
| 8 मंगल | मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष | अमावस्या | अनुराधा | 3:15 PM – 4:39 PM | 6:48 AM | अमावस्या |
| 9 बुध | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | शुक्ल प्रतिपदा | ज्येष्ठा | 12:26 PM – 1:51 PM | 6:49 AM | |
| 10 गुरु | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | शुक्ल प्रतिपदा | मूल | 1:51 PM – 3:15 PM | 6:49 AM | |
| 11 शुक्र | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | शुक्ल द्वितीया | पूर्वाषाढ़ा | 11:03 AM – 12:27 PM | 6:50 AM | |
| 12 शनि | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | शुक्ल तृतीया | उत्तराषाढ़ा | 9:39 AM – 11:03 AM | 6:50 AM | |
| 13 रवि | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | शुक्ल चतुर्थी | श्रवण | 4:41 PM – 6:05 PM | 6:51 AM | चतुर्थी |
| 14 सोम | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | शुक्ल पंचमी | श्रवण | 8:16 AM – 9:40 AM | 6:52 AM | |
| 15 मंगल | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | शुक्ल षष्ठी | धनिष्ठा | 3:18 PM – 4:42 PM | 6:52 AM | षष्ठी |
| 16 बुध | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | शुक्ल सप्तमी | शतभिषा | 12:30 PM – 1:54 PM | 6:53 AM | |
| 17 गुरु | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | शुक्ल अष्टमी | पूर्वा भाद्रपद | 1:54 PM – 3:18 PM | 6:53 AM | |
| 18 शुक्र | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | शुक्ल नवमी | उत्तरा भाद्रपद | 11:06 AM – 12:31 PM | 6:54 AM | |
| 19 शनि | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | शुक्ल दशमी | रेवती | 9:43 AM – 11:07 AM | 6:54 AM | |
| 20 रवि | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | शुक्ल एकादशी | अश्विनी | 4:44 PM – 6:08 PM | 6:55 AM | एकादशी |
| 21 सोम | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | शुक्ल द्वादशी | भरणी | 8:19 AM – 9:44 AM | 6:55 AM | प्रदोष |
| 22 मंगल | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | शुक्ल त्रयोदशी | कृत्तिका | 3:21 PM – 4:45 PM | 6:56 AM | कृत्तिका |
| 23 बुध | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | शुक्ल चतुर्दशी | रोहिणी | 12:33 PM – 1:57 PM | 6:56 AM | |
| 24 गुरु | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष | पूर्णिमा | आर्द्रा | 1:58 PM – 3:22 PM | 6:57 AM | पूर्णिमा |
| 25 शुक्र | पौष मास, कृष्ण पक्ष | कृष्ण द्वितीया | पुनर्वसु | 11:10 AM – 12:34 PM | 6:57 AM | |
| 26 शनि | पौष मास, कृष्ण पक्ष | कृष्ण तृतीया | पुष्य | 9:46 AM – 11:10 AM | 6:58 AM | |
| 27 रवि | पौष मास, कृष्ण पक्ष | कृष्ण चतुर्थी | आश्लेषा | 4:48 PM – 6:12 PM | 6:58 AM | |
| 28 सोम | पौष मास, कृष्ण पक्ष | कृष्ण पंचमी | मघा | 8:23 AM – 9:47 AM | 6:59 AM | |
| 29 मंगल | पौष मास, कृष्ण पक्ष | कृष्ण षष्ठी | पूर्वा फाल्गुनी | 3:24 PM – 4:49 PM | 6:59 AM | |
| 30 बुध | पौष मास, कृष्ण पक्ष | कृष्ण सप्तमी | उत्तरा फाल्गुनी | 12:36 PM – 2:01 PM | 6:59 AM | |
| 31 गुरु | पौष मास, कृष्ण पक्ष | कृष्ण अष्टमी | हस्त | 2:01 PM – 3:25 PM | 7:00 AM |
तिथि और नक्षत्र सूर्योदय के समय के हैं। व्रत-त्योहार सरल नियमों से दिखाए गए हैं: सूर्योदय की तिथि (या जो तिथि दिन के भीतर शुरू होकर खत्म हो); सूर्यास्त पर त्रयोदशी हो तो प्रदोष; मध्यरात्रि को कृष्ण चतुर्दशी हो तो मासिक शिवरात्रि। मंदिर और क्षेत्रीय पंचांग कभी-कभी अलग दिन मानते हैं – अपनी पारिवारिक परंपरा का पालन करें।
सभी समय दवर्ली का स्थानीय समय हैं (IST)। दवर्ली के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।