दीफू पंचांग – 23 सितंबर 2026
बुधवार, 23 सितंबर 2026 · भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083
Assam, India
आज का दिन – एक नज़र में
दीफू का समय
राहुकाल: 11:09 AM – 12:40 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 11:09 AM – 12:40 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 6:36 AM – 8:07 AM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 9:38 AM – 11:09 AM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | बुधवार को नहीं माना जाता |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 3:30 AM – 4:18 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 5:05 AM – 6:36 AM लाभ6:36 AM – 8:07 AM अमृत9:38 AM – 11:09 AM शुभ2:11 PM – 3:41 PM चर3:41 PM – 5:12 PM लाभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | बुधवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | शुक्ल द्वादशी 10:50 PM तक फिर शुक्ल त्रयोदशी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | श्रवण 9:09 AM तक फिर धनिष्ठा |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | सुकर्मा 4:26 PM तक फिर धृति |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | बव 10:22 AM तक फिर बालव 10:50 PM तक फिर कौलव |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | मकर 9:57 PM तक फिर कुम्भ |
| सूर्य राशि | कन्या |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | मिथुन 9:57 PM तक फिर कर्क |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 5:05 AM – 6:36 AMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 6:36 AM – 8:07 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 8:07 AM – 9:38 AMकालहानि – टालें
- 9:38 AM – 11:09 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 11:09 AM – 12:40 PMरोगरोग – टालें
- 12:40 PM – 2:11 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 2:11 PM – 3:41 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 3:41 PM – 5:12 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
चौघड़िया – रात
- 5:12 PM – 6:41 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 6:41 PM – 8:11 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 8:11 PM – 9:40 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 9:40 PM – 11:09 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 11:09 PM – 12:38 AM (24 सितंबर)रोगरोग – टालें
- 12:38 AM – 2:07 AM (24 सितंबर)कालहानि – टालें
- 2:07 AM – 3:36 AM (24 सितंबर)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 3:36 AM – 5:06 AM (24 सितंबर)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
दीफू – आज के पंचांग के बारे में
बुधवार, 23 सितंबर 2026 को दीफू में सूर्योदय 5:05 AM और सूर्यास्त 5:12 PM है। राहुकाल 11:09 AM – 12:40 PM, यमगण्ड 6:36 AM – 8:07 AM और गुलिक काल 9:38 AM – 11:09 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय शुक्ल द्वादशी तिथि और श्रवण नक्षत्र। भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083।
अगले 7 दिन का राहुकाल · आज का होरा समय · मासिक कैलेंडर · गणना कैसे होती है
सभी समय दीफू का स्थानीय समय हैं (IST)। दीफू के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।