हार्लेम पंचांग – 17 दिसंबर 2026
गुरुवार, 17 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083
North Holland, Netherlands
आज का दिन – एक नज़र में
हार्लेम का समय
राहुकाल: 1:35 PM – 2:33 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 1:35 PM – 2:33 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 8:47 AM – 9:44 AM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 10:42 AM – 11:40 AM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 12:22 PM – 12:53 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 6:36 AM – 7:41 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 8:47 AM – 9:44 AM शुभ11:40 AM – 12:38 PM चर12:38 PM – 1:35 PM लाभ1:35 PM – 2:33 PM अमृत3:31 PM – 4:28 PM शुभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | गुरुवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | शुक्ल अष्टमी 6:56 PM तक फिर शुक्ल नवमी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | पूर्वा भाद्रपद 11:00 AM तक फिर उत्तरा भाद्रपद |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | सिद्धि 8:51 AM तक फिर व्यतीपात 7:48 AM (18 दिसंबर) तक फिर वरीयान |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | बव 6:56 PM तक फिर बालव 6:57 AM (18 दिसंबर) तक फिर कौलव |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | मीन पूरे दिन |
| सूर्य राशि | धनु |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | सिंह पूरे दिन |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 8:47 AM – 9:44 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 9:44 AM – 10:42 AMरोगरोग – टालें
- 10:42 AM – 11:40 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 11:40 AM – 12:38 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 12:38 PM – 1:35 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 1:35 PM – 2:33 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 2:33 PM – 3:31 PMकालहानि – टालें
- 3:31 PM – 4:28 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
चौघड़िया – रात
- 4:28 PM – 6:31 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 6:31 PM – 8:33 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 8:33 PM – 10:36 PMरोगरोग – टालें
- 10:36 PM – 12:38 AM (18 दिसंबर)कालहानि – टालें
- 12:38 AM – 2:40 AM (18 दिसंबर)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 2:40 AM – 4:43 AM (18 दिसंबर)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 4:43 AM – 6:45 AM (18 दिसंबर)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 6:45 AM – 8:47 AM (18 दिसंबर)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
हार्लेम – आज के पंचांग के बारे में
गुरुवार, 17 दिसंबर 2026 को हार्लेम में सूर्योदय 8:47 AM और सूर्यास्त 4:28 PM है। राहुकाल 1:35 PM – 2:33 PM, यमगण्ड 8:47 AM – 9:44 AM और गुलिक काल 10:42 AM – 11:40 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय शुक्ल अष्टमी तिथि और पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र। मार्गशीर्ष मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083।
अगले 7 दिन का राहुकाल · आज का होरा समय · मासिक कैलेंडर · गणना कैसे होती है
सभी समय हार्लेम का स्थानीय समय हैं (CET)। हार्लेम के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।