जटनी पंचांग – 4 अगस्त 2026
मंगलवार, 4 अगस्त 2026 · श्रावण मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083
Odisha, India
आज का दिन – एक नज़र में
जटनी का समय
राहुकाल: 3:08 PM – 4:46 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 3:08 PM – 4:46 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 8:38 AM – 10:16 AM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 11:53 AM – 1:31 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 11:27 AM – 12:19 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 3:55 AM – 4:39 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 8:38 AM – 10:16 AM चर10:16 AM – 11:53 AM लाभ11:53 AM – 1:31 PM अमृत3:08 PM – 4:46 PM शुभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | मंगलवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण षष्ठी 10:03 PM तक फिर कृष्ण सप्तमी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | रेवती 9:54 PM तक फिर अश्विनी |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | धृति 7:33 PM तक फिर शूल |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | गर 10:32 AM तक फिर वणिज 10:03 PM तक फिर विष्टि (भद्रा) |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | मीन 9:54 PM तक फिर मेष |
| सूर्य राशि | कर्क |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | श्रावण मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | सिंह 9:54 PM तक फिर कन्या |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 5:23 AM – 7:01 AMरोगरोग – टालें
- 7:01 AM – 8:38 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 8:38 AM – 10:16 AMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 10:16 AM – 11:53 AMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 11:53 AM – 1:31 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 1:31 PM – 3:08 PMकालहानि – टालें
- 3:08 PM – 4:46 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 4:46 PM – 6:23 PMरोगरोग – टालें
चौघड़िया – रात
- 6:23 PM – 7:46 PMकालहानि – टालें
- 7:46 PM – 9:08 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 9:08 PM – 10:31 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 10:31 PM – 11:53 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 11:53 PM – 1:16 AM (5 अगस्त)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 1:16 AM – 2:39 AM (5 अगस्त)चरयात्रा के लिए अच्छा
- 2:39 AM – 4:01 AM (5 अगस्त)रोगरोग – टालें
- 4:01 AM – 5:24 AM (5 अगस्त)कालहानि – टालें
जटनी – आज के पंचांग के बारे में
मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को जटनी में सूर्योदय 5:23 AM और सूर्यास्त 6:23 PM है। राहुकाल 3:08 PM – 4:46 PM, यमगण्ड 8:38 AM – 10:16 AM और गुलिक काल 11:53 AM – 1:31 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण षष्ठी तिथि और रेवती नक्षत्र। श्रावण मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय जटनी का स्थानीय समय हैं (IST)। जटनी के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।