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कैथल पंचांग – 4 जून 2026

गुरुवार, 4 जून 2026 · ज्येष्ठ मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083

Haryana, India

आज का दिन – एक नज़र में

12 PM3 PM6 PM9 PM12 AM3 AM6 AM9 AMशुभ · 5:24 AM – 7:08 AMरोग · 7:08 AM – 8:53 AMउद्वेग · 8:53 AM – 10:38 AMचर · 10:38 AM – 12:23 PMलाभ · 12:23 PM – 2:07 PMअमृत · 2:07 PM – 3:52 PMकाल · 3:52 PM – 5:37 PMशुभ · 5:37 PM – 7:22 PMअमृत · 7:22 PM – 8:37 PMचर · 8:37 PM – 9:52 PMरोग · 9:52 PM – 11:07 PMकाल · 11:07 PM – 12:23 AM (5 जून)लाभ · 12:23 AM – 1:38 AM (5 जून)उद्वेग · 1:38 AM – 2:53 AM (5 जून)शुभ · 2:53 AM – 4:08 AM (5 जून)अमृत · 4:08 AM – 5:23 AM (5 जून)ब्रह्म मुहूर्त · 4:03 AM – 4:43 AMअभिजीत मुहूर्त · 11:55 AM – 12:51 PMगुलिक काल · 8:53 AM – 10:38 AMयमगण्ड · 5:24 AM – 7:08 AMराहुकाल · 2:07 PM – 3:52 PM
राहुकाल2:07 PM – 3:52 PM

राहुकाल: 2:07 PM – 3:52 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें

सूर्योदय5:24 AM
सूर्यास्त7:22 PM
कृष्ण पक्ष · 4 वां दिनचतुर्थी
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा

इन समयों से बचें

राहुकाल

रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं।

2:07 PM – 3:52 PM
यमगण्ड

यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता।

5:24 AM – 7:08 AM
गुलिक काल

मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते।

8:53 AM – 10:38 AM

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता।

11:55 AM – 12:51 PM
ब्रह्म मुहूर्त

भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम।

4:03 AM – 4:43 AM
चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

5:24 AM – 7:08 AM शुभ10:38 AM – 12:23 PM चर12:23 PM – 2:07 PM लाभ2:07 PM – 3:52 PM अमृत5:37 PM – 7:22 PM शुभचौघड़िया →

आज का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि

चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है।

कृष्ण चतुर्थी 11:30 PM तक
फिर कृष्ण पंचमी
नक्षत्र

चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है।

उत्तराषाढ़ा 3:41 AM (5 जून) तक
फिर श्रवण
योग

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक।

शुक्ल 9:02 AM तक
फिर ब्रह्म
करण

तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है।

बव 10:28 AM तक
फिर बालव 11:30 PM तक
फिर कौलव
चंद्र राशि

चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है।

धनु 7:41 AM तक
फिर मकर
सूर्य राशिवृषभ
चंद्र मास (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ मास, कृष्ण पक्ष
चंद्राष्टम

अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है।

वृषभ 7:41 AM तक
फिर मिथुन

चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

चौघड़िया – दिन

  1. 5:24 AM – 7:08 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  2. 7:08 AM – 8:53 AMरोगरोग – टालें
  3. 8:53 AM – 10:38 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  4. 10:38 AM – 12:23 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
  5. 12:23 PM – 2:07 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  6. 2:07 PM – 3:52 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  7. 3:52 PM – 5:37 PMकालहानि – टालें
  8. 5:37 PM – 7:22 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए

चौघड़िया – रात

  1. 7:22 PM – 8:37 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  2. 8:37 PM – 9:52 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
  3. 9:52 PM – 11:07 PMरोगरोग – टालें
  4. 11:07 PM – 12:23 AM (5 जून)कालहानि – टालें
  5. 12:23 AM – 1:38 AM (5 जून)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  6. 1:38 AM – 2:53 AM (5 जून)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  7. 2:53 AM – 4:08 AM (5 जून)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  8. 4:08 AM – 5:23 AM (5 जून)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए

कैथल – आज के पंचांग के बारे में

गुरुवार, 4 जून 2026 को कैथल में सूर्योदय 5:24 AM और सूर्यास्त 7:22 PM है। राहुकाल 2:07 PM – 3:52 PM, यमगण्ड 5:24 AM – 7:08 AM और गुलिक काल 8:53 AM – 10:38 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।

सूर्योदय के समय कृष्ण चतुर्थी तिथि और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र। ज्येष्ठ मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।

अगले 7 दिन का राहुकाल · आज का होरा समय · मासिक कैलेंडर · गणना कैसे होती है

सभी समय कैथल का स्थानीय समय हैं (IST)। कैथल के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।

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