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कैथल पंचांग – 28 नवंबर 2026

शनिवार, 28 नवंबर 2026 · मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083

Haryana, India

आज का दिन – एक नज़र में

12 PM3 PM6 PM9 PM12 AM3 AM6 AM9 AMकाल · 7:00 AM – 8:18 AMशुभ · 8:18 AM – 9:36 AMरोग · 9:36 AM – 10:54 AMउद्वेग · 10:54 AM – 12:12 PMचर · 12:12 PM – 1:30 PMलाभ · 1:30 PM – 2:49 PMअमृत · 2:49 PM – 4:07 PMकाल · 4:07 PM – 5:25 PMलाभ · 5:25 PM – 7:07 PMउद्वेग · 7:07 PM – 8:49 PMशुभ · 8:49 PM – 10:31 PMअमृत · 10:31 PM – 12:13 AM (29 नवंबर)चर · 12:13 AM – 1:55 AM (29 नवंबर)रोग · 1:55 AM – 3:37 AM (29 नवंबर)काल · 3:37 AM – 5:18 AM (29 नवंबर)लाभ · 5:18 AM – 7:00 AM (29 नवंबर)ब्रह्म मुहूर्त · 5:11 AM – 6:05 AMअभिजीत मुहूर्त · 11:51 AM – 12:33 PMगुलिक काल · 7:00 AM – 8:18 AMयमगण्ड · 1:30 PM – 2:49 PMराहुकाल · 9:36 AM – 10:54 AM
राहुकाल9:36 AM – 10:54 AM

राहुकाल: 9:36 AM – 10:54 AMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें

सूर्योदय7:00 AM
सूर्यास्त5:25 PM
कृष्ण पक्ष · 5 वां दिनपंचमी
नक्षत्रपुनर्वसु

इन समयों से बचें

राहुकाल

रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं।

9:36 AM – 10:54 AM
यमगण्ड

यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता।

1:30 PM – 2:49 PM
गुलिक काल

मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते।

7:00 AM – 8:18 AM

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता।

11:51 AM – 12:33 PM
ब्रह्म मुहूर्त

भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम।

5:11 AM – 6:05 AM
चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

8:18 AM – 9:36 AM शुभ12:12 PM – 1:30 PM चर1:30 PM – 2:49 PM लाभ2:49 PM – 4:07 PM अमृतचौघड़िया →

आज का पंचांग

वारशनिवार
तिथि

चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है।

कृष्ण पंचमी 3:57 AM (29 नवंबर) तक
फिर कृष्ण षष्ठी
नक्षत्र

चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है।

पुनर्वसु 12:50 PM तक
फिर पुष्य
योग

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक।

शुक्ल 8:18 PM तक
फिर ब्रह्म
करण

तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है।

कौलव 5:15 PM तक
फिर तैतिल 3:57 AM (29 नवंबर) तक
फिर गर
चंद्र राशि

चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है।

मिथुन 7:22 AM तक
फिर कर्क
सूर्य राशिवृश्चिक
चंद्र मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष
चंद्राष्टम

अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है।

वृश्चिक 7:22 AM तक
फिर धनु

चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

चौघड़िया – दिन

  1. 7:00 AM – 8:18 AMकालहानि – टालें
  2. 8:18 AM – 9:36 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  3. 9:36 AM – 10:54 AMरोगरोग – टालें
  4. 10:54 AM – 12:12 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  5. 12:12 PM – 1:30 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
  6. 1:30 PM – 2:49 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  7. 2:49 PM – 4:07 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  8. 4:07 PM – 5:25 PMकालहानि – टालें

चौघड़िया – रात

  1. 5:25 PM – 7:07 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  2. 7:07 PM – 8:49 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  3. 8:49 PM – 10:31 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  4. 10:31 PM – 12:13 AM (29 नवंबर)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  5. 12:13 AM – 1:55 AM (29 नवंबर)चरयात्रा के लिए अच्छा
  6. 1:55 AM – 3:37 AM (29 नवंबर)रोगरोग – टालें
  7. 3:37 AM – 5:18 AM (29 नवंबर)कालहानि – टालें
  8. 5:18 AM – 7:00 AM (29 नवंबर)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए

कैथल – आज के पंचांग के बारे में

शनिवार, 28 नवंबर 2026 को कैथल में सूर्योदय 7:00 AM और सूर्यास्त 5:25 PM है। राहुकाल 9:36 AM – 10:54 AM, यमगण्ड 1:30 PM – 2:49 PM और गुलिक काल 7:00 AM – 8:18 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।

सूर्योदय के समय कृष्ण पंचमी तिथि और पुनर्वसु नक्षत्र। मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।

अगले 7 दिन का राहुकाल · आज का होरा समय · मासिक कैलेंडर · गणना कैसे होती है

सभी समय कैथल का स्थानीय समय हैं (IST)। कैथल के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।

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