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कैथल पंचांग – 4 दिसंबर 2026

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083

Haryana, India

आज का दिन – एक नज़र में

12 PM3 PM6 PM9 PM12 AM3 AM6 AM9 AMचर · 7:04 AM – 8:22 AMलाभ · 8:22 AM – 9:39 AMअमृत · 9:39 AM – 10:57 AMकाल · 10:57 AM – 12:15 PMशुभ · 12:15 PM – 1:32 PMरोग · 1:32 PM – 2:50 PMउद्वेग · 2:50 PM – 4:07 PMचर · 4:07 PM – 5:25 PMरोग · 5:25 PM – 7:07 PMकाल · 7:07 PM – 8:50 PMलाभ · 8:50 PM – 10:32 PMउद्वेग · 10:32 PM – 12:15 AM (5 दिसंबर)शुभ · 12:15 AM – 1:57 AM (5 दिसंबर)अमृत · 1:57 AM – 3:40 AM (5 दिसंबर)चर · 3:40 AM – 5:23 AM (5 दिसंबर)रोग · 5:23 AM – 7:05 AM (5 दिसंबर)ब्रह्म मुहूर्त · 5:15 AM – 6:10 AMअभिजीत मुहूर्त · 11:54 AM – 12:35 PMगुलिक काल · 8:22 AM – 9:39 AMयमगण्ड · 2:50 PM – 4:07 PMराहुकाल · 10:57 AM – 12:15 PM
राहुकाल10:57 AM – 12:15 PM

राहुकाल: 10:57 AM – 12:15 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें

सूर्योदय7:04 AM
सूर्यास्त5:25 PM
कृष्ण पक्ष · 11 वां दिनएकादशी
नक्षत्रहस्त

इन समयों से बचें

राहुकाल

रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं।

10:57 AM – 12:15 PM
यमगण्ड

यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता।

2:50 PM – 4:07 PM
गुलिक काल

मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते।

8:22 AM – 9:39 AM

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता।

11:54 AM – 12:35 PM
ब्रह्म मुहूर्त

भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम।

5:15 AM – 6:10 AM
चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

7:04 AM – 8:22 AM चर8:22 AM – 9:39 AM लाभ9:39 AM – 10:57 AM अमृत12:15 PM – 1:32 PM शुभ4:07 PM – 5:25 PM चरचौघड़िया →

आज का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि

चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है।

कृष्ण एकादशी 11:45 PM तक
फिर कृष्ण द्वादशी
नक्षत्र

चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है।

हस्त 10:22 AM तक
फिर चित्रा
योग

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक।

आयुष्मान 8:23 AM तक
फिर सौभाग्य
करण

तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है।

बव 11:21 AM तक
फिर बालव 11:45 PM तक
फिर कौलव
चंद्र राशि

चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है।

कन्या 11:02 PM तक
फिर तुला
सूर्य राशिवृश्चिक
चंद्र मास (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष
चंद्राष्टम

अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है।

कुम्भ 11:02 PM तक
फिर मीन

चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

चौघड़िया – दिन

  1. 7:04 AM – 8:22 AMचरयात्रा के लिए अच्छा
  2. 8:22 AM – 9:39 AMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  3. 9:39 AM – 10:57 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  4. 10:57 AM – 12:15 PMकालहानि – टालें
  5. 12:15 PM – 1:32 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  6. 1:32 PM – 2:50 PMरोगरोग – टालें
  7. 2:50 PM – 4:07 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  8. 4:07 PM – 5:25 PMचरयात्रा के लिए अच्छा

चौघड़िया – रात

  1. 5:25 PM – 7:07 PMरोगरोग – टालें
  2. 7:07 PM – 8:50 PMकालहानि – टालें
  3. 8:50 PM – 10:32 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  4. 10:32 PM – 12:15 AM (5 दिसंबर)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  5. 12:15 AM – 1:57 AM (5 दिसंबर)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  6. 1:57 AM – 3:40 AM (5 दिसंबर)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  7. 3:40 AM – 5:23 AM (5 दिसंबर)चरयात्रा के लिए अच्छा
  8. 5:23 AM – 7:05 AM (5 दिसंबर)रोगरोग – टालें

कैथल – आज के पंचांग के बारे में

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 को कैथल में सूर्योदय 7:04 AM और सूर्यास्त 5:25 PM है। राहुकाल 10:57 AM – 12:15 PM, यमगण्ड 2:50 PM – 4:07 PM और गुलिक काल 8:22 AM – 9:39 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।

सूर्योदय के समय कृष्ण एकादशी तिथि और हस्त नक्षत्र। मार्गशीर्ष मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।

अगले 7 दिन का राहुकाल · आज का होरा समय · मासिक कैलेंडर · गणना कैसे होती है

सभी समय कैथल का स्थानीय समय हैं (IST)। कैथल के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।

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