कैथल पंचांग – 26 जनवरी 2027
मंगलवार, 26 जनवरी 2027 · माघ मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083
Haryana, India
आज का दिन – एक नज़र में
कैथल का समय
राहुकाल: 3:17 PM – 4:36 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 3:17 PM – 4:36 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 9:57 AM – 11:17 AM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 12:37 PM – 1:57 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 12:16 PM – 12:58 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 5:30 AM – 6:24 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 9:57 AM – 11:17 AM चर11:17 AM – 12:37 PM लाभ12:37 PM – 1:57 PM अमृत3:17 PM – 4:36 PM शुभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | मंगलवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण पंचमी 4:33 AM (27 जनवरी) तक फिर कृष्ण षष्ठी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | उत्तरा फाल्गुनी 12:06 AM (27 जनवरी) तक फिर हस्त |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | अतिगण्ड 8:18 PM तक फिर सुकर्मा |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | कौलव 5:11 PM तक फिर तैतिल 4:33 AM (27 जनवरी) तक फिर गर |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | कन्या पूरे दिन |
| सूर्य राशि | मकर |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | माघ मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | कुम्भ पूरे दिन |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 7:17 AM – 8:37 AMरोगरोग – टालें
- 8:37 AM – 9:57 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 9:57 AM – 11:17 AMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 11:17 AM – 12:37 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 12:37 PM – 1:57 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 1:57 PM – 3:17 PMकालहानि – टालें
- 3:17 PM – 4:36 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 4:36 PM – 5:56 PMरोगरोग – टालें
चौघड़िया – रात
- 5:56 PM – 7:36 PMकालहानि – टालें
- 7:36 PM – 9:16 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 9:16 PM – 10:57 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 10:57 PM – 12:37 AM (27 जनवरी)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 12:37 AM – 2:17 AM (27 जनवरी)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 2:17 AM – 3:57 AM (27 जनवरी)चरयात्रा के लिए अच्छा
- 3:57 AM – 5:37 AM (27 जनवरी)रोगरोग – टालें
- 5:37 AM – 7:17 AM (27 जनवरी)कालहानि – टालें
कैथल – आज के पंचांग के बारे में
मंगलवार, 26 जनवरी 2027 को कैथल में सूर्योदय 7:17 AM और सूर्यास्त 5:56 PM है। राहुकाल 3:17 PM – 4:36 PM, यमगण्ड 9:57 AM – 11:17 AM और गुलिक काल 12:37 PM – 1:57 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण पंचमी तिथि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र। माघ मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय कैथल का स्थानीय समय हैं (IST)। कैथल के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।