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कैथल पंचांग – 2 अप्रैल 2027

शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027 · चैत्र मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083

Haryana, India

आज का दिन – एक नज़र में

12 PM3 PM6 PM9 PM12 AM3 AM6 AM9 AMचर · 6:13 AM – 7:47 AMलाभ · 7:47 AM – 9:21 AMअमृत · 9:21 AM – 10:54 AMकाल · 10:54 AM – 12:28 PMशुभ · 12:28 PM – 2:02 PMरोग · 2:02 PM – 3:36 PMउद्वेग · 3:36 PM – 5:09 PMचर · 5:09 PM – 6:43 PMरोग · 6:43 PM – 8:09 PMकाल · 8:09 PM – 9:35 PMलाभ · 9:35 PM – 11:01 PMउद्वेग · 11:01 PM – 12:28 AM (3 अप्रैल)शुभ · 12:28 AM – 1:54 AM (3 अप्रैल)अमृत · 1:54 AM – 3:20 AM (3 अप्रैल)चर · 3:20 AM – 4:46 AM (3 अप्रैल)रोग · 4:46 AM – 6:12 AM (3 अप्रैल)ब्रह्म मुहूर्त · 4:41 AM – 5:27 AMअभिजीत मुहूर्त · 12:03 PM – 12:53 PMगुलिक काल · 7:47 AM – 9:21 AMयमगण्ड · 3:36 PM – 5:09 PMराहुकाल · 10:54 AM – 12:28 PM
राहुकाल10:54 AM – 12:28 PM

राहुकाल: 10:54 AM – 12:28 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें

सूर्योदय6:13 AM
सूर्यास्त6:43 PM
कृष्ण पक्ष · 11 वां दिनएकादशी
नक्षत्रश्रवण

इन समयों से बचें

राहुकाल

रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं।

10:54 AM – 12:28 PM
यमगण्ड

यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता।

3:36 PM – 5:09 PM
गुलिक काल

मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते।

7:47 AM – 9:21 AM

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता।

12:03 PM – 12:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त

भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम।

4:41 AM – 5:27 AM
चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

6:13 AM – 7:47 AM चर7:47 AM – 9:21 AM लाभ9:21 AM – 10:54 AM अमृत12:28 PM – 2:02 PM शुभ5:09 PM – 6:43 PM चरचौघड़िया →

आज का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि

चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है।

कृष्ण एकादशी 2:52 AM (3 अप्रैल) तक
फिर कृष्ण द्वादशी
नक्षत्र

चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है।

श्रवण 12:16 PM तक
फिर धनिष्ठा
योग

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक।

सिद्ध 9:41 AM तक
फिर साध्य
करण

तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है।

बव 1:52 PM तक
फिर बालव 2:52 AM (3 अप्रैल) तक
फिर कौलव
चंद्र राशि

चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है।

मकर 1:33 AM (3 अप्रैल) तक
फिर कुम्भ
सूर्य राशिमीन
चंद्र मास (पूर्णिमांत)चैत्र मास, कृष्ण पक्ष
चंद्राष्टम

अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है।

मिथुन 1:33 AM (3 अप्रैल) तक
फिर कर्क

चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

चौघड़िया – दिन

  1. 6:13 AM – 7:47 AMचरयात्रा के लिए अच्छा
  2. 7:47 AM – 9:21 AMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  3. 9:21 AM – 10:54 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  4. 10:54 AM – 12:28 PMकालहानि – टालें
  5. 12:28 PM – 2:02 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  6. 2:02 PM – 3:36 PMरोगरोग – टालें
  7. 3:36 PM – 5:09 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  8. 5:09 PM – 6:43 PMचरयात्रा के लिए अच्छा

चौघड़िया – रात

  1. 6:43 PM – 8:09 PMरोगरोग – टालें
  2. 8:09 PM – 9:35 PMकालहानि – टालें
  3. 9:35 PM – 11:01 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  4. 11:01 PM – 12:28 AM (3 अप्रैल)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  5. 12:28 AM – 1:54 AM (3 अप्रैल)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  6. 1:54 AM – 3:20 AM (3 अप्रैल)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  7. 3:20 AM – 4:46 AM (3 अप्रैल)चरयात्रा के लिए अच्छा
  8. 4:46 AM – 6:12 AM (3 अप्रैल)रोगरोग – टालें

कैथल – आज के पंचांग के बारे में

शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027 को कैथल में सूर्योदय 6:13 AM और सूर्यास्त 6:43 PM है। राहुकाल 10:54 AM – 12:28 PM, यमगण्ड 3:36 PM – 5:09 PM और गुलिक काल 7:47 AM – 9:21 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।

सूर्योदय के समय कृष्ण एकादशी तिथि और श्रवण नक्षत्र। चैत्र मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।

अगले 7 दिन का राहुकाल · आज का होरा समय · मासिक कैलेंडर · गणना कैसे होती है

सभी समय कैथल का स्थानीय समय हैं (IST)। कैथल के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।

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