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कैथल पंचांग – 5 अप्रैल 2027

सोमवार, 5 अप्रैल 2027 · चैत्र मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083

Haryana, India

आज का दिन – एक नज़र में

12 PM3 PM6 PM9 PM12 AM3 AM6 AM9 AMअमृत · 6:09 AM – 7:44 AMकाल · 7:44 AM – 9:18 AMशुभ · 9:18 AM – 10:53 AMरोग · 10:53 AM – 12:27 PMउद्वेग · 12:27 PM – 2:02 PMचर · 2:02 PM – 3:36 PMलाभ · 3:36 PM – 5:11 PMअमृत · 5:11 PM – 6:45 PMचर · 6:45 PM – 8:10 PMरोग · 8:10 PM – 9:36 PMकाल · 9:36 PM – 11:01 PMलाभ · 11:01 PM – 12:27 AM (6 अप्रैल)उद्वेग · 12:27 AM – 1:52 AM (6 अप्रैल)शुभ · 1:52 AM – 3:17 AM (6 अप्रैल)अमृत · 3:17 AM – 4:43 AM (6 अप्रैल)चर · 4:43 AM – 6:08 AM (6 अप्रैल)ब्रह्म मुहूर्त · 4:38 AM – 5:24 AMअभिजीत मुहूर्त · 12:02 PM – 12:52 PMगुलिक काल · 2:02 PM – 3:36 PMयमगण्ड · 10:53 AM – 12:27 PMराहुकाल · 7:44 AM – 9:18 AM
राहुकाल7:44 AM – 9:18 AM

राहुकाल: 7:44 AM – 9:18 AMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें

सूर्योदय6:09 AM
सूर्यास्त6:45 PM
कृष्ण पक्ष · 14 वां दिनचतुर्दशी
नक्षत्रपूर्वा भाद्रपद

इन समयों से बचें

राहुकाल

रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं।

7:44 AM – 9:18 AM
यमगण्ड

यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता।

10:53 AM – 12:27 PM
गुलिक काल

मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते।

2:02 PM – 3:36 PM

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता।

12:02 PM – 12:52 PM
ब्रह्म मुहूर्त

भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम।

4:38 AM – 5:24 AM
चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

6:09 AM – 7:44 AM अमृत9:18 AM – 10:53 AM शुभ2:02 PM – 3:36 PM चर3:36 PM – 5:11 PM लाभ5:11 PM – 6:45 PM अमृतचौघड़िया →

आज का पंचांग

वारसोमवार
तिथि

चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है।

कृष्ण चतुर्दशी 5:40 AM (6 अप्रैल) तक
फिर अमावस्या
नक्षत्र

चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है।

पूर्वा भाद्रपद 5:46 PM तक
फिर उत्तरा भाद्रपद
योग

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक।

शुक्ल 9:47 AM तक
फिर ब्रह्म
करण

तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है।

विष्टि (भद्रा) 5:37 PM तक
फिर शकुनि 5:40 AM (6 अप्रैल) तक
फिर चतुष्पद
चंद्र राशि

चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है।

कुम्भ 11:32 AM तक
फिर मीन
सूर्य राशिमीन
चंद्र मास (पूर्णिमांत)चैत्र मास, कृष्ण पक्ष
चंद्राष्टम

अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है।

कर्क 11:32 AM तक
फिर सिंह

चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

चौघड़िया – दिन

  1. 6:09 AM – 7:44 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  2. 7:44 AM – 9:18 AMकालहानि – टालें
  3. 9:18 AM – 10:53 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  4. 10:53 AM – 12:27 PMरोगरोग – टालें
  5. 12:27 PM – 2:02 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  6. 2:02 PM – 3:36 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
  7. 3:36 PM – 5:11 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  8. 5:11 PM – 6:45 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए

चौघड़िया – रात

  1. 6:45 PM – 8:10 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
  2. 8:10 PM – 9:36 PMरोगरोग – टालें
  3. 9:36 PM – 11:01 PMकालहानि – टालें
  4. 11:01 PM – 12:27 AM (6 अप्रैल)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  5. 12:27 AM – 1:52 AM (6 अप्रैल)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  6. 1:52 AM – 3:17 AM (6 अप्रैल)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  7. 3:17 AM – 4:43 AM (6 अप्रैल)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  8. 4:43 AM – 6:08 AM (6 अप्रैल)चरयात्रा के लिए अच्छा

कैथल – आज के पंचांग के बारे में

सोमवार, 5 अप्रैल 2027 को कैथल में सूर्योदय 6:09 AM और सूर्यास्त 6:45 PM है। राहुकाल 7:44 AM – 9:18 AM, यमगण्ड 10:53 AM – 12:27 PM और गुलिक काल 2:02 PM – 3:36 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।

सूर्योदय के समय कृष्ण चतुर्दशी तिथि और पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र। चैत्र मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।

अगले 7 दिन का राहुकाल · आज का होरा समय · मासिक कैलेंडर · गणना कैसे होती है

सभी समय कैथल का स्थानीय समय हैं (IST)। कैथल के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।

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