Neram Today

कैथल पंचांग – 21 अप्रैल 2027

बुधवार, 21 अप्रैल 2027 · वैशाख मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2084

Haryana, India

आज का दिन – एक नज़र में

12 PM3 PM6 PM9 PM12 AM3 AM6 AM9 AMलाभ · 5:52 AM – 7:30 AMअमृत · 7:30 AM – 9:07 AMकाल · 9:07 AM – 10:45 AMशुभ · 10:45 AM – 12:23 PMरोग · 12:23 PM – 2:01 PMउद्वेग · 2:01 PM – 3:39 PMचर · 3:39 PM – 5:17 PMलाभ · 5:17 PM – 6:55 PMउद्वेग · 6:55 PM – 8:17 PMशुभ · 8:17 PM – 9:39 PMअमृत · 9:39 PM – 11:01 PMचर · 11:01 PM – 12:23 AM (22 अप्रैल)रोग · 12:23 AM – 1:45 AM (22 अप्रैल)काल · 1:45 AM – 3:07 AM (22 अप्रैल)लाभ · 3:07 AM – 4:29 AM (22 अप्रैल)उद्वेग · 4:29 AM – 5:51 AM (22 अप्रैल)ब्रह्म मुहूर्त · 4:24 AM – 5:08 AMगुलिक काल · 10:45 AM – 12:23 PMयमगण्ड · 7:30 AM – 9:07 AMराहुकाल · 12:23 PM – 2:01 PM
राहुकाल12:23 PM – 2:01 PM

राहुकाल: 12:23 PM – 2:01 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें

सूर्योदय5:52 AM
सूर्यास्त6:55 PM
कृष्ण पक्ष · 1 वां दिनप्रतिपदा
नक्षत्रस्वाति

इन समयों से बचें

राहुकाल

रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं।

12:23 PM – 2:01 PM
यमगण्ड

यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता।

7:30 AM – 9:07 AM
गुलिक काल

मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते।

10:45 AM – 12:23 PM

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता।

बुधवार को नहीं माना जाता
ब्रह्म मुहूर्त

भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम।

4:24 AM – 5:08 AM
चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

5:52 AM – 7:30 AM लाभ7:30 AM – 9:07 AM अमृत10:45 AM – 12:23 PM शुभ3:39 PM – 5:17 PM चर5:17 PM – 6:55 PM लाभचौघड़िया →

आज का पंचांग

वारबुधवार
तिथि

चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है।

कृष्ण प्रतिपदा 3:30 AM (22 अप्रैल) तक
फिर कृष्ण द्वितीया
नक्षत्र

चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है।

स्वाति 4:44 AM (22 अप्रैल) तक
फिर विशाखा
योग

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक।

वज्र 4:10 PM तक
फिर सिद्धि
करण

तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है।

बालव 3:39 PM तक
फिर कौलव 3:30 AM (22 अप्रैल) तक
फिर तैतिल
चंद्र राशि

चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है।

तुला पूरे दिन
सूर्य राशिमेष
चंद्र मास (पूर्णिमांत)वैशाख मास, कृष्ण पक्ष
चंद्राष्टम

अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है।

मीन पूरे दिन

चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

चौघड़िया – दिन

  1. 5:52 AM – 7:30 AMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  2. 7:30 AM – 9:07 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  3. 9:07 AM – 10:45 AMकालहानि – टालें
  4. 10:45 AM – 12:23 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  5. 12:23 PM – 2:01 PMरोगरोग – टालें
  6. 2:01 PM – 3:39 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  7. 3:39 PM – 5:17 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
  8. 5:17 PM – 6:55 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए

चौघड़िया – रात

  1. 6:55 PM – 8:17 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  2. 8:17 PM – 9:39 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  3. 9:39 PM – 11:01 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  4. 11:01 PM – 12:23 AM (22 अप्रैल)चरयात्रा के लिए अच्छा
  5. 12:23 AM – 1:45 AM (22 अप्रैल)रोगरोग – टालें
  6. 1:45 AM – 3:07 AM (22 अप्रैल)कालहानि – टालें
  7. 3:07 AM – 4:29 AM (22 अप्रैल)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  8. 4:29 AM – 5:51 AM (22 अप्रैल)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें

कैथल – आज के पंचांग के बारे में

बुधवार, 21 अप्रैल 2027 को कैथल में सूर्योदय 5:52 AM और सूर्यास्त 6:55 PM है। राहुकाल 12:23 PM – 2:01 PM, यमगण्ड 7:30 AM – 9:07 AM और गुलिक काल 10:45 AM – 12:23 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।

सूर्योदय के समय कृष्ण प्रतिपदा तिथि और स्वाति नक्षत्र। वैशाख मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2084।

अगले 7 दिन का राहुकाल · आज का होरा समय · मासिक कैलेंडर · गणना कैसे होती है

सभी समय कैथल का स्थानीय समय हैं (IST)। कैथल के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।

Haryana के और शहर