कैथल पंचांग – 1 मई 2027
शनिवार, 1 मई 2027 · वैशाख मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2084
Haryana, India
आज का दिन – एक नज़र में
कैथल का समय
राहुकाल: 9:02 AM – 10:42 AMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 9:02 AM – 10:42 AM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 2:01 PM – 3:41 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 5:42 AM – 7:22 AM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 11:55 AM – 12:48 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 4:17 AM – 4:59 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 7:22 AM – 9:02 AM शुभ12:22 PM – 2:01 PM चर2:01 PM – 3:41 PM लाभ3:41 PM – 5:21 PM अमृतचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | शनिवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण दशमी 6:54 PM तक फिर कृष्ण एकादशी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | शतभिषा 1:16 AM (2 मई) तक फिर पूर्वा भाद्रपद |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | ब्रह्म 6:43 PM तक फिर इन्द्र |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | वणिज 6:08 AM तक फिर विष्टि (भद्रा) 6:54 PM तक फिर बव |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | कुम्भ पूरे दिन |
| सूर्य राशि | मेष |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | वैशाख मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | कर्क पूरे दिन |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 5:42 AM – 7:22 AMकालहानि – टालें
- 7:22 AM – 9:02 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 9:02 AM – 10:42 AMरोगरोग – टालें
- 10:42 AM – 12:22 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 12:22 PM – 2:01 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 2:01 PM – 3:41 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 3:41 PM – 5:21 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 5:21 PM – 7:01 PMकालहानि – टालें
चौघड़िया – रात
- 7:01 PM – 8:21 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 8:21 PM – 9:41 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 9:41 PM – 11:01 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 11:01 PM – 12:21 AM (2 मई)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 12:21 AM – 1:41 AM (2 मई)चरयात्रा के लिए अच्छा
- 1:41 AM – 3:01 AM (2 मई)रोगरोग – टालें
- 3:01 AM – 4:21 AM (2 मई)कालहानि – टालें
- 4:21 AM – 5:41 AM (2 मई)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
कैथल – आज के पंचांग के बारे में
शनिवार, 1 मई 2027 को कैथल में सूर्योदय 5:42 AM और सूर्यास्त 7:01 PM है। राहुकाल 9:02 AM – 10:42 AM, यमगण्ड 2:01 PM – 3:41 PM और गुलिक काल 5:42 AM – 7:22 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण दशमी तिथि और शतभिषा नक्षत्र। वैशाख मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2084।
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सभी समय कैथल का स्थानीय समय हैं (IST)। कैथल के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।