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कैथल पंचांग – 4 मई 2027

मंगलवार, 4 मई 2027 · वैशाख मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2084

Haryana, India

आज का दिन – एक नज़र में

12 PM3 PM6 PM9 PM12 AM3 AM6 AM9 AMरोग · 5:39 AM – 7:20 AMउद्वेग · 7:20 AM – 9:00 AMचर · 9:00 AM – 10:41 AMलाभ · 10:41 AM – 12:21 PMअमृत · 12:21 PM – 2:02 PMकाल · 2:02 PM – 3:42 PMशुभ · 3:42 PM – 5:23 PMरोग · 5:23 PM – 7:03 PMकाल · 7:03 PM – 8:22 PMलाभ · 8:22 PM – 9:42 PMउद्वेग · 9:42 PM – 11:01 PMशुभ · 11:01 PM – 12:21 AM (5 मई)अमृत · 12:21 AM – 1:40 AM (5 मई)चर · 1:40 AM – 3:00 AM (5 मई)रोग · 3:00 AM – 4:19 AM (5 मई)काल · 4:19 AM – 5:39 AM (5 मई)ब्रह्म मुहूर्त · 4:15 AM – 4:57 AMअभिजीत मुहूर्त · 11:54 AM – 12:48 PMगुलिक काल · 12:21 PM – 2:02 PMयमगण्ड · 9:00 AM – 10:41 AMराहुकाल · 3:42 PM – 5:23 PM
राहुकाल3:42 PM – 5:23 PM

राहुकाल: 3:42 PM – 5:23 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें

सूर्योदय5:39 AM
सूर्यास्त7:03 PM
कृष्ण पक्ष · 13 वां दिनत्रयोदशी
नक्षत्ररेवती

इन समयों से बचें

राहुकाल

रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं।

3:42 PM – 5:23 PM
यमगण्ड

यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता।

9:00 AM – 10:41 AM
गुलिक काल

मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते।

12:21 PM – 2:02 PM

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त

दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता।

11:54 AM – 12:48 PM
ब्रह्म मुहूर्त

भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम।

4:15 AM – 4:57 AM
चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

9:00 AM – 10:41 AM चर10:41 AM – 12:21 PM लाभ12:21 PM – 2:02 PM अमृत3:42 PM – 5:23 PM शुभचौघड़िया →

आज का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि

चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है।

कृष्ण त्रयोदशी 7:31 PM तक
फिर कृष्ण चतुर्दशी
नक्षत्र

चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है।

रेवती 3:14 AM (5 मई) तक
फिर अश्विनी
योग

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक।

विष्कुम्भ 4:14 PM तक
फिर प्रीति
करण

तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है।

गर 7:53 AM तक
फिर वणिज 7:31 PM तक
फिर विष्टि (भद्रा)
चंद्र राशि

चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है।

मीन 3:14 AM (5 मई) तक
फिर मेष
सूर्य राशिमेष
चंद्र मास (पूर्णिमांत)वैशाख मास, कृष्ण पक्ष
चंद्राष्टम

अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है।

सिंह 3:14 AM (5 मई) तक
फिर कन्या

चौघड़िया

शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।

चौघड़िया – दिन

  1. 5:39 AM – 7:20 AMरोगरोग – टालें
  2. 7:20 AM – 9:00 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  3. 9:00 AM – 10:41 AMचरयात्रा के लिए अच्छा
  4. 10:41 AM – 12:21 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  5. 12:21 PM – 2:02 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  6. 2:02 PM – 3:42 PMकालहानि – टालें
  7. 3:42 PM – 5:23 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  8. 5:23 PM – 7:03 PMरोगरोग – टालें

चौघड़िया – रात

  1. 7:03 PM – 8:22 PMकालहानि – टालें
  2. 8:22 PM – 9:42 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
  3. 9:42 PM – 11:01 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
  4. 11:01 PM – 12:21 AM (5 मई)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
  5. 12:21 AM – 1:40 AM (5 मई)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
  6. 1:40 AM – 3:00 AM (5 मई)चरयात्रा के लिए अच्छा
  7. 3:00 AM – 4:19 AM (5 मई)रोगरोग – टालें
  8. 4:19 AM – 5:39 AM (5 मई)कालहानि – टालें

कैथल – आज के पंचांग के बारे में

मंगलवार, 4 मई 2027 को कैथल में सूर्योदय 5:39 AM और सूर्यास्त 7:03 PM है। राहुकाल 3:42 PM – 5:23 PM, यमगण्ड 9:00 AM – 10:41 AM और गुलिक काल 12:21 PM – 2:02 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।

सूर्योदय के समय कृष्ण त्रयोदशी तिथि और रेवती नक्षत्र। वैशाख मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2084।

अगले 7 दिन का राहुकाल · आज का होरा समय · मासिक कैलेंडर · गणना कैसे होती है

सभी समय कैथल का स्थानीय समय हैं (IST)। कैथल के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।

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