म्हापसा पंचांग – 21 जनवरी 2027
गुरुवार, 21 जनवरी 2027 · पौष मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083
Goa, India
आज का दिन – एक नज़र में
म्हापसा का समय
राहुकाल: 2:11 PM – 3:36 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 2:11 PM – 3:36 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 7:05 AM – 8:31 AM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 9:56 AM – 11:21 AM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 12:23 PM – 1:09 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 5:24 AM – 6:15 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 7:05 AM – 8:31 AM शुभ11:21 AM – 12:46 PM चर12:46 PM – 2:11 PM लाभ2:11 PM – 3:36 PM अमृत5:01 PM – 6:26 PM शुभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | गुरुवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | शुक्ल चतुर्दशी 9:30 PM तक फिर पूर्णिमा |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | आर्द्रा 1:24 PM तक फिर पुनर्वसु |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | वैधृति 6:08 PM तक फिर विष्कुम्भ |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | गर 11:22 AM तक फिर वणिज 9:30 PM तक फिर विष्टि (भद्रा) |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | मिथुन 5:09 AM (22 जनवरी) तक फिर कर्क |
| सूर्य राशि | मकर |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | पौष मास, शुक्ल पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | वृश्चिक 5:09 AM (22 जनवरी) तक फिर धनु |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 7:05 AM – 8:31 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 8:31 AM – 9:56 AMरोगरोग – टालें
- 9:56 AM – 11:21 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 11:21 AM – 12:46 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 12:46 PM – 2:11 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 2:11 PM – 3:36 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 3:36 PM – 5:01 PMकालहानि – टालें
- 5:01 PM – 6:26 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
चौघड़िया – रात
- 6:26 PM – 8:01 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 8:01 PM – 9:36 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 9:36 PM – 11:11 PMरोगरोग – टालें
- 11:11 PM – 12:46 AM (22 जनवरी)कालहानि – टालें
- 12:46 AM – 2:21 AM (22 जनवरी)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 2:21 AM – 3:56 AM (22 जनवरी)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 3:56 AM – 5:31 AM (22 जनवरी)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 5:31 AM – 7:05 AM (22 जनवरी)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
म्हापसा – आज के पंचांग के बारे में
गुरुवार, 21 जनवरी 2027 को म्हापसा में सूर्योदय 7:05 AM और सूर्यास्त 6:26 PM है। राहुकाल 2:11 PM – 3:36 PM, यमगण्ड 7:05 AM – 8:31 AM और गुलिक काल 9:56 AM – 11:21 AM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय शुक्ल चतुर्दशी तिथि और आर्द्रा नक्षत्र। पौष मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय म्हापसा का स्थानीय समय हैं (IST)। म्हापसा के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।