म्हापसा पंचांग – 17 मई 2027
सोमवार, 17 मई 2027 · वैशाख मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2084
Goa, India
आज का दिन – एक नज़र में
म्हापसा का समय
राहुकाल: 7:42 AM – 9:18 AMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 7:42 AM – 9:18 AM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 10:55 AM – 12:31 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 2:08 PM – 3:44 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 12:05 PM – 12:57 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 4:36 AM – 5:20 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 6:05 AM – 7:42 AM अमृत9:18 AM – 10:55 AM शुभ2:08 PM – 3:44 PM चर3:44 PM – 5:21 PM लाभ5:21 PM – 6:57 PM अमृतचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | सोमवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | शुक्ल द्वादशी 4:28 PM तक फिर शुक्ल त्रयोदशी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | हस्त 11:29 AM तक फिर चित्रा |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | सिद्धि 1:10 AM (18 मई) तक फिर व्यतीपात |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | बालव 4:28 PM तक फिर कौलव 4:13 AM (18 मई) तक फिर तैतिल |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | कन्या 11:33 PM तक फिर तुला |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | वैशाख मास, शुक्ल पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | कुम्भ 11:33 PM तक फिर मीन |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:05 AM – 7:42 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 7:42 AM – 9:18 AMकालहानि – टालें
- 9:18 AM – 10:55 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 10:55 AM – 12:31 PMरोगरोग – टालें
- 12:31 PM – 2:08 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 2:08 PM – 3:44 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 3:44 PM – 5:21 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 5:21 PM – 6:57 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
चौघड़िया – रात
- 6:57 PM – 8:21 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 8:21 PM – 9:44 PMरोगरोग – टालें
- 9:44 PM – 11:08 PMकालहानि – टालें
- 11:08 PM – 12:31 AM (18 मई)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 12:31 AM – 1:54 AM (18 मई)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 1:54 AM – 3:18 AM (18 मई)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 3:18 AM – 4:41 AM (18 मई)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 4:41 AM – 6:05 AM (18 मई)चरयात्रा के लिए अच्छा
म्हापसा – आज के पंचांग के बारे में
सोमवार, 17 मई 2027 को म्हापसा में सूर्योदय 6:05 AM और सूर्यास्त 6:57 PM है। राहुकाल 7:42 AM – 9:18 AM, यमगण्ड 10:55 AM – 12:31 PM और गुलिक काल 2:08 PM – 3:44 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय शुक्ल द्वादशी तिथि और हस्त नक्षत्र। वैशाख मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2084।
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सभी समय म्हापसा का स्थानीय समय हैं (IST)। म्हापसा के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।