नारायणपेट पंचांग – 14 सितंबर 2026
सोमवार, 14 सितंबर 2026 · भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083
Telangana, India
आज का दिन – एक नज़र में
नारायणपेट का समय
राहुकाल: 7:40 AM – 9:12 AMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 7:40 AM – 9:12 AM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 10:44 AM – 12:16 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 1:48 PM – 3:19 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 11:51 AM – 12:40 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 4:34 AM – 5:21 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 6:08 AM – 7:40 AM अमृत9:12 AM – 10:44 AM शुभ1:48 PM – 3:19 PM चर3:19 PM – 4:51 PM लाभ4:51 PM – 6:23 PM अमृतचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | सोमवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | शुक्ल तृतीया 7:07 AM तक फिर शुक्ल चतुर्थी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | चित्रा 1:55 PM तक फिर स्वाति |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | ब्रह्म 12:46 PM तक फिर इन्द्र |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | गर 7:07 AM तक फिर वणिज 7:21 PM तक फिर विष्टि (भद्रा) |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | तुला पूरे दिन |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | मीन पूरे दिन |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:08 AM – 7:40 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 7:40 AM – 9:12 AMकालहानि – टालें
- 9:12 AM – 10:44 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 10:44 AM – 12:16 PMरोगरोग – टालें
- 12:16 PM – 1:48 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 1:48 PM – 3:19 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 3:19 PM – 4:51 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 4:51 PM – 6:23 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
चौघड़िया – रात
- 6:23 PM – 7:51 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 7:51 PM – 9:19 PMरोगरोग – टालें
- 9:19 PM – 10:48 PMकालहानि – टालें
- 10:48 PM – 12:16 AM (15 सितंबर)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 12:16 AM – 1:44 AM (15 सितंबर)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 1:44 AM – 3:12 AM (15 सितंबर)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 3:12 AM – 4:40 AM (15 सितंबर)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 4:40 AM – 6:08 AM (15 सितंबर)चरयात्रा के लिए अच्छा
नारायणपेट – आज के पंचांग के बारे में
सोमवार, 14 सितंबर 2026 को नारायणपेट में सूर्योदय 6:08 AM और सूर्यास्त 6:23 PM है। राहुकाल 7:40 AM – 9:12 AM, यमगण्ड 10:44 AM – 12:16 PM और गुलिक काल 1:48 PM – 3:19 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय शुक्ल तृतीया तिथि और चित्रा नक्षत्र। भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय नारायणपेट का स्थानीय समय हैं (IST)। नारायणपेट के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।