Pampur पंचांग – 2 सितंबर 2026
बुधवार, 2 सितंबर 2026 · भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083
Jammu and Kashmir, India
आज का दिन – एक नज़र में
Pampur का समय
राहुकाल: 12:30 PM – 2:06 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 12:30 PM – 2:06 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 7:41 AM – 9:17 AM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 10:54 AM – 12:30 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | बुधवार को नहीं माना जाता |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 4:35 AM – 5:20 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 6:04 AM – 7:41 AM लाभ7:41 AM – 9:17 AM अमृत10:54 AM – 12:30 PM शुभ3:43 PM – 5:19 PM चर5:19 PM – 6:56 PM लाभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | बुधवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण पंचमी 6:12 AM तक फिर कृष्ण षष्ठी 4:26 AM (3 सितंबर) तक फिर कृष्ण सप्तमी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | भरणी 1:43 AM (3 सितंबर) तक फिर कृत्तिका |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | ध्रुव 9:12 PM तक फिर व्याघात |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | तैतिल 6:12 AM तक फिर गर 5:21 PM तक फिर वणिज 4:26 AM (3 सितंबर) तक फिर विष्टि (भद्रा) |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | मेष पूरे दिन |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | कन्या पूरे दिन |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:04 AM – 7:41 AMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 7:41 AM – 9:17 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 9:17 AM – 10:54 AMकालहानि – टालें
- 10:54 AM – 12:30 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 12:30 PM – 2:06 PMरोगरोग – टालें
- 2:06 PM – 3:43 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 3:43 PM – 5:19 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 5:19 PM – 6:56 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
चौघड़िया – रात
- 6:56 PM – 8:19 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 8:19 PM – 9:43 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 9:43 PM – 11:07 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 11:07 PM – 12:30 AM (3 सितंबर)चरयात्रा के लिए अच्छा
- 12:30 AM – 1:54 AM (3 सितंबर)रोगरोग – टालें
- 1:54 AM – 3:18 AM (3 सितंबर)कालहानि – टालें
- 3:18 AM – 4:42 AM (3 सितंबर)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 4:42 AM – 6:05 AM (3 सितंबर)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
Pampur – आज के पंचांग के बारे में
बुधवार, 2 सितंबर 2026 को Pampur में सूर्योदय 6:04 AM और सूर्यास्त 6:56 PM है। राहुकाल 12:30 PM – 2:06 PM, यमगण्ड 7:41 AM – 9:17 AM और गुलिक काल 10:54 AM – 12:30 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण पंचमी तिथि और भरणी नक्षत्र। भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय Pampur का स्थानीय समय हैं (IST)। Pampur के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।