Phusro पंचांग – 6 सितंबर 2026
रविवार, 6 सितंबर 2026 · भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083
Jharkhand, India
आज का दिन – एक नज़र में
Phusro का समय
राहुकाल: 4:26 PM – 5:59 PMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 4:26 PM – 5:59 PM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 11:44 AM – 1:18 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 2:52 PM – 4:26 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 11:19 AM – 12:09 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 3:57 AM – 4:43 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 7:03 AM – 8:37 AM चर8:37 AM – 10:11 AM लाभ10:11 AM – 11:44 AM अमृत1:18 PM – 2:52 PM शुभचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | रविवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण दशमी 7:29 PM तक फिर कृष्ण एकादशी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | आर्द्रा 7:52 PM तक फिर पुनर्वसु |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | सिद्धि 9:45 AM तक फिर व्यतीपात |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | वणिज 8:42 AM तक फिर विष्टि (भद्रा) 7:29 PM तक फिर बव |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | मिथुन पूरे दिन |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | वृश्चिक पूरे दिन |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 5:29 AM – 7:03 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 7:03 AM – 8:37 AMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 8:37 AM – 10:11 AMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 10:11 AM – 11:44 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 11:44 AM – 1:18 PMकालहानि – टालें
- 1:18 PM – 2:52 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 2:52 PM – 4:26 PMरोगरोग – टालें
- 4:26 PM – 5:59 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
चौघड़िया – रात
- 5:59 PM – 7:26 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 7:26 PM – 8:52 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 8:52 PM – 10:18 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 10:18 PM – 11:45 PMरोगरोग – टालें
- 11:45 PM – 1:11 AM (7 सितंबर)कालहानि – टालें
- 1:11 AM – 2:37 AM (7 सितंबर)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 2:37 AM – 4:03 AM (7 सितंबर)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 4:03 AM – 5:30 AM (7 सितंबर)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
Phusro – आज के पंचांग के बारे में
रविवार, 6 सितंबर 2026 को Phusro में सूर्योदय 5:29 AM और सूर्यास्त 5:59 PM है। राहुकाल 4:26 PM – 5:59 PM, यमगण्ड 11:44 AM – 1:18 PM और गुलिक काल 2:52 PM – 4:26 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण दशमी तिथि और आर्द्रा नक्षत्र। भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।
अगले 7 दिन का राहुकाल · आज का होरा समय · मासिक कैलेंडर · गणना कैसे होती है
सभी समय Phusro का स्थानीय समय हैं (IST)। Phusro के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।