रानीपेट पंचांग – 31 अगस्त 2026
सोमवार, 31 अगस्त 2026 · भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083
Tamil Nadu, India
आज का दिन – एक नज़र में
रानीपेट का समय
राहुकाल: 7:34 AM – 9:07 AMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 7:34 AM – 9:07 AM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 10:40 AM – 12:13 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 1:46 PM – 3:19 PM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 11:48 AM – 12:38 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 4:29 AM – 5:15 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 6:02 AM – 7:34 AM अमृत9:07 AM – 10:40 AM शुभ1:46 PM – 3:19 PM चर3:19 PM – 4:52 PM लाभ4:52 PM – 6:25 PM अमृतचौघड़िया → |
आज का पंचांग
| वार | सोमवार |
|---|---|
तिथि?चंद्र दिवस। जब भी चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकलता है, नई तिथि शुरू होती है – महीने में 30, इसलिए किसी भी समय बदल सकती है। | कृष्ण तृतीया 8:51 AM तक फिर कृष्ण चतुर्थी |
नक्षत्र?चंद्रमा अभी जिस तारामंडल में है। कुल 27; जन्म के समय वाला आपका जन्म नक्षत्र है। | रेवती 3:23 AM (1 सितंबर) तक फिर अश्विनी |
योग?सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के 27 संयोगों में से एक। | गण्ड 1:50 AM (1 सितंबर) तक फिर वृद्धि |
करण?तिथि का आधा भाग। 11 प्रकार; विष्टि (भद्रा) करण से बचा जाता है। | विष्टि (भद्रा) 8:51 AM तक फिर बव 8:19 PM तक फिर बालव |
चंद्र राशि?चंद्रमा अभी जिस राशि में है। लगभग सवा दो दिन में बदलती है। | मीन 3:23 AM (1 सितंबर) तक फिर मेष |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र मास (पूर्णिमांत) | भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष |
चंद्राष्टम?अगर यह आपकी राशि है तो चंद्रमा आपसे 8वें भाव में है – बड़े फैसले टालने की परंपरा है। | सिंह 3:23 AM (1 सितंबर) तक फिर कन्या |
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:02 AM – 7:34 AMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 7:34 AM – 9:07 AMकालहानि – टालें
- 9:07 AM – 10:40 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 10:40 AM – 12:13 PMरोगरोग – टालें
- 12:13 PM – 1:46 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 1:46 PM – 3:19 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 3:19 PM – 4:52 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 4:52 PM – 6:25 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
चौघड़िया – रात
- 6:25 PM – 7:52 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 7:52 PM – 9:19 PMरोगरोग – टालें
- 9:19 PM – 10:46 PMकालहानि – टालें
- 10:46 PM – 12:13 AM (1 सितंबर)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 12:13 AM – 1:40 AM (1 सितंबर)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 1:40 AM – 3:07 AM (1 सितंबर)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 3:07 AM – 4:34 AM (1 सितंबर)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 4:34 AM – 6:02 AM (1 सितंबर)चरयात्रा के लिए अच्छा
रानीपेट – आज के पंचांग के बारे में
सोमवार, 31 अगस्त 2026 को रानीपेट में सूर्योदय 6:02 AM और सूर्यास्त 6:25 PM है। राहुकाल 7:34 AM – 9:07 AM, यमगण्ड 10:40 AM – 12:13 PM और गुलिक काल 1:46 PM – 3:19 PM। ये समय, और चौघड़िया भी, स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बांटकर निकाले जाते हैं – इसलिए ये शहर-शहर और दिन-दिन बदलते हैं। “7:30 से 9:00” जैसी तय तालिका सिर्फ़ अनुमान है।
सूर्योदय के समय कृष्ण तृतीया तिथि और रेवती नक्षत्र। भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083।
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सभी समय रानीपेट का स्थानीय समय हैं (IST)। रानीपेट के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।