शुभ समय आज – Taliparamba (चौघड़िया)
शनिवार, 26 सितंबर 2026 · भाद्रपद मास, शुक्ल पक्ष
आज का दिन – एक नज़र में
Taliparamba का समय
राहुकाल: 9:19 AM – 10:49 AMघड़ी में किसी भी रंग को छुएं और उसका मतलब जानें
चौघड़िया – शनिवार, 26 सितंबर 2026?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – शनिवार, 26 सितंबर 2026?
शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें।
चौघड़िया – दिन
- 6:18 AM – 7:48 AMकालहानि – टालें
- 7:48 AM – 9:19 AMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 9:19 AM – 10:49 AMरोगरोग – टालें
- 10:49 AM – 12:20 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 12:20 PM – 1:51 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 1:51 PM – 3:21 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 3:21 PM – 4:52 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 4:52 PM – 6:22 PMकालहानि – टालें
चौघड़िया – रात
- 6:22 PM – 7:52 PMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 7:52 PM – 9:21 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 9:21 PM – 10:51 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 10:51 PM – 12:20 AM (27 सितंबर)अमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 12:20 AM – 1:49 AM (27 सितंबर)चरयात्रा के लिए अच्छा
- 1:49 AM – 3:19 AM (27 सितंबर)रोगरोग – टालें
- 3:19 AM – 4:48 AM (27 सितंबर)कालहानि – टालें
- 4:48 AM – 6:18 AM (27 सितंबर)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
इन समयों से बचें
राहुकाल?रोज़ लगभग डेढ़ घंटे का समय, जब कोई नया काम शुरू नहीं करते – हस्ताक्षर, खरीदारी, यात्रा। पहले से चल रहा काम जारी रख सकते हैं। | 9:19 AM – 10:49 AM |
|---|---|
यमगण्ड?यह भी टालने वाला समय है। मान्यता है कि इसमें शुरू किया काम ठीक से पूरा नहीं होता। | 1:51 PM – 3:21 PM |
गुलिक काल?मान्यता है कि गुलिक काल में किया काम दोहराया जाता है। कर्ज़, अंतिम संस्कार जैसे काम इसमें नहीं करते। | 6:18 AM – 7:48 AM |
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त?दोपहर के आसपास का शक्तिशाली मुहूर्त – लगभग हर काम के लिए शुभ। बुधवार को नहीं माना जाता। | 11:56 AM – 12:44 PM |
|---|---|
ब्रह्म मुहूर्त?भोर से पहले का शांत समय – पढ़ाई, ध्यान और योग के लिए उत्तम। | 4:42 AM – 5:30 AM |
चौघड़िया?शुभ समय देखने की उत्तर भारतीय पद्धति: दिन और रात के 8-8 भाग – अमृत, शुभ, लाभ, चर अच्छे; उद्वेग, काल, रोग टालें। | 7:48 AM – 9:19 AM शुभ12:20 PM – 1:51 PM चर1:51 PM – 3:21 PM लाभ3:21 PM – 4:52 PM अमृतचौघड़िया → |
कल – रविवार, 27 सितंबर 2026
चौघड़िया – दिन
- 6:18 AM – 7:48 AMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 7:48 AM – 9:19 AMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 9:19 AM – 10:49 AMलाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 10:49 AM – 12:20 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 12:20 PM – 1:50 PMकालहानि – टालें
- 1:50 PM – 3:21 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 3:21 PM – 4:51 PMरोगरोग – टालें
- 4:51 PM – 6:22 PMउद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
चौघड़िया – रात
- 6:22 PM – 7:51 PMशुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
- 7:51 PM – 9:21 PMअमृतसबसे उत्तम – हर काम के लिए
- 9:21 PM – 10:50 PMचरयात्रा के लिए अच्छा
- 10:50 PM – 12:20 AM (28 सितंबर)रोगरोग – टालें
- 12:20 AM – 1:49 AM (28 सितंबर)कालहानि – टालें
- 1:49 AM – 3:19 AM (28 सितंबर)लाभलाभ – व्यापार और पढ़ाई के लिए
- 3:19 AM – 4:48 AM (28 सितंबर)उद्वेगचिंता – नया काम शुरू न करें
- 4:48 AM – 6:18 AM (28 सितंबर)शुभशुभ – मांगलिक कार्यों के लिए
Taliparamba – आज के मुख्य सवाल
आज Taliparamba में राहुकाल कब है?
आज (शनिवार, 26 सितंबर 2026) Taliparamba में राहुकाल 9:19 AM – 10:49 AM है। यमगण्ड 1:51 PM – 3:21 PM और गुलिक काल 6:18 AM – 7:48 AM।
आज Taliparamba में शुभ समय (चौघड़िया) कब है?
आज Taliparamba में शुभ चौघड़िया: 7:48 AM – 9:19 AM, 12:20 PM – 1:51 PM, 1:51 PM – 3:21 PM, 3:21 PM – 4:52 PM। अभिजीत मुहूर्त: 11:56 AM – 12:44 PM।
आज Taliparamba में सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 6:18 AM और सूर्यास्त 6:22 PM।
आज की तिथि और नक्षत्र क्या है?
सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि और पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र।
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया उत्तर और पश्चिम भारत में शुभ समय देखने की सबसे लोकप्रिय पद्धति है। दिन और रात को आठ-आठ भागों में बांटा जाता है। अमृत, शुभ, लाभ और चर काम शुरू करने के लिए अच्छे हैं; उद्वेग, काल और रोग से बचा जाता है। यहां सभी भाग Taliparamba के वास्तविक सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाले गए हैं, 6 बजे की तय तालिका से नहीं।
सभी समय Taliparamba का स्थानीय समय हैं (IST)। Taliparamba के सटीक अक्षांश-देशांतर के लिए दृक् गणित पद्धति (लाहिड़ी अयनांश) से खगोलीय गणना।